प्रयागराज : लखनऊ कोर्ट में हुई वारदात के विरोध में अधिवक्ता रहे न्यायिक कार्य से विरत
अमृत विचार, प्रयागराज । लखनऊ कोर्ट में बुधवार को हुई हत्या के विरोध में अधिवक्ताओं की सुरक्षा को देखते हुए जिला अधिवक्ता संघ ने गुरुवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया, वहीं दूसरी ओर जिला कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था रोज की तरह ही दिखी। सुरक्षा के कोई नए इंतजाम नहीं किए गए थे। न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय जिला अधिवक्ता संघ की सभा में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष गिरीश तिवारी तथा संचालन मंत्री विद्या वारिधि मिश्र ने किया। जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणेंदर प्रताप सिंह ने मांग की कि अधिवक्ता की पोशाक में आने वाले लोग परिसर में वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में एक व्यापक कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है।
वहीं दूसरी तरफ पूर्व अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्र ने प्रदेश सरकार से मांग की कि तत्काल एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए और अधिवक्ताओं की सुरक्षा प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराई जाए। इसके साथ ही हाईकोर्ट के 7 जजों की पीठ द्वारा जिला कचहरी परिसर में सुरक्षा संबंधी जो आदेश जारी किए गए थे, उनका भी पालन कराया जाए। पूर्व अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने कहा कि कचहरी परिसर में आने-जाने वाले सभी व्यक्तियों की चेकिंग होनी चाहिए, जिसमें अधिवक्ता और अधिकारी कर्मचारी भी शामिल हों। दूसरी ओर अधिवक्ता संघ से यह भी अनुरोध किया गया कि वह इस चेकिंग में मदद के लिए टीम गठित करे, जिससे किसी भी अधिवक्ता के साथ कोई गलत व्यवहार ना हो सके।
ये भी पढ़ें - प्रयागराज : सीआरपीसी की धारा 313 के तहत एक बयान दर्ज करना औपचारिकता मात्र नहीं
