कानपुर : 13 माह बाद घर हुआ ‘रोशन’, 26 क्रू के सदस्यों को नाइजीरियन नेवी ने कच्चा तेल चोरी के आरोप में किया था गिरफ्तार
कानपुर, अमृत विचार। सतरंगी आतिशबाजी से जगमगाता आसमान, चौराहे पर पटाखों की धूम, ढोल की थाप पर झूमती महिलाएं और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ एक युवक को फूल मालाओं पहनाकर कंधे पर उठाकर लाते हुए युवा ये नाजारा था नाइजीरियन नेवी की कैद से लौटे मर्चेंट नेवी में तैनात रोशन अरोड़ा के घर का।
करीब नौ माह तक नाइजीरियन व इक्वाटोरियल गिनी में कैद में रहने के बाद गोविंद नगर लेबर कालोनी निवासी रोशन अरोड़ा शनिवार को वापस घर लौटे। रोशन की घर वापसी पर लेबर कालोनी में शनिवार को दीपावली जैसा नजारा देखने को मिला। मोहल्ले की महिलाएं सुबह से रोशन के घर में मौजूद थी। घर में बाहर मोहल्ले के लोग रोशन के इंतजार में बैठे हुए थे। शाम पांच बजे गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी व किदवई नगर विधायक महेश त्रिवेदी रोशन अरोड़ा से मिलने उनके घर पहुंचे। शाम करीब साढ़े छह बजे गली के बाहर रोशन की कार रूकते ही मोहल्ले के युवाओं ने उनको गोद में उठा लिया और फूल माला व पगड़ी पहना कर भारत माता की जय के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया। घर के बाहर मौजूद रोशन के स्वगात के लिए आरती की थाली सजाएं महिलाओं ने की एक झलक रोशन पर पड़ी तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। रोशन सबसे पहले अपनी मां सीमा अरोड़ा व बहन कोमल के गले से लिपट गया। नम आखों से रोशन मां को शांत कराते हुए बोला की अब मैं आ गया हूं और बिल्कुल ठीक हूं। पिता मनोज अरोड़ा के पैर छूते ही उन्होंने गले से लगा कर जुग-जुग जीने के आर्शीवाद दिया। 13 माह बाद रोशन के घर लौटने से पूरे मोहल्ले में उत्साह की लहर दिखाई पड़ी। रोशन के स्वागत में मोहल्ले की महिलाओं ने घरों बाहर दीपक जलाए और पटाखे फोड़े। विधायक महेश त्रिवेदी, सुरेंद्र मैथाना, पार्षद नवीन पंडित, सुनील नारंग ने रोशन की कुशलछेम जानी और पिता मनोज अरोड़ा को बधाई दी।
क्या था मामला
मर्चेंट नेवी में तैनात रोशन 10 मई को नाइजीरिया जाने के लिए घर से निकला था। नाइजीरिया पहुंचने के बाद ओएसएम मैरीटाइम कंपनी का जहाज बोनीपोर्ट में कच्चा तेल लेने के इंतजार में खड़ा था। जहाज संदिग्ध लगने पर नाइजीरियन नेवी जहाज की जांच की। जांच के दौरान जहाज में मौजूद 26 क्रू सदस्यों को लगा कि वह समुद्री लुटेरे हैं। भय के कारण उन्होंने जहाज नहीं रोका और इक्वाटोरियल गिनी पहुंच गए। जहां पर उनकों गिरफ्तार कर लिया गया था।
तीन माह इक्वाटोरियल गिनी में रखने के बाद भेजा नाइजीरिया
रोशन अरोड़ा के मुताबिक नाइजीरिया से समुद्री लुटेरों के भय के कारण क्रू में मौजद सदस्य जहाज लेकर भागे, जिन्हे इक्वाटोरियल गिनी में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि करीब तीन माह इक्वाटोरियल गिनी में रहने के दौरान 15 क्रू के सदस्यों को जमीन में व 11 क्रू सदस्यों को जहाज में नजरबंद कर दिया गया था। इस दौरान उनके पास मोबाइल फोन मौजूद था। परिजन चिंताग्रस्त न हो इस कारण उनकों मामले की जानकारी नहीं दी गई थी। रोशन के मुताबिक रोजाना बातचीत होने से परिजनों ने भी संदेह नहीं जताया। इक्वाटोरियल गिनी देश का झंडा जहाज में न लगाने व अन्य नियमों के उल्लंघन के मामले में तीन माह तक कैद में रहे इसके बाद मैरीटाइम कंपनी की ओर से जुर्माना भरने के बाद उनकों नाइजीरियन नेवी के सुपुर्द कर दिया गया।
बहुत डरावना था वो मंजर
रोशन ने बताया कि इक्वाटोरियल गिनी में गिरफ्तारी के दौरान शुरूआत में बहुत भयानक मंजर से गुजरना पड़ा। रोशन समेंत 11 क्रू मेंबरों को जहाज के एक कमरे में कैद कर दिया गया, जबकि 15 लोगों को जहाज से उतार कर अलग कमरें में नजरबंद किया गया। इस दौरान कई दिनों तक कुछ भी खाने-पीने को नहीं दिया गया। कंपनी व भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद उनको थोड़ी सी रियायत मुहैया कराई गई।
बंदूक की नोंक पर ले गए, ऐसा लगा की बचेंगें नहीं
तीन माह तक इक्वाटोरियल गिनी में कैद रहने के बाद रोशन समेंत 26 क्रू के सदस्यों को नाइजीरियन नेवी को सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि वो मंजर बहुत की डरावना था। नाइजीरिया लाए जाने के दौरान नाइजीरियन नेवी उनकों बंदूक की नोंक पर ले जा रही थी। ऐसा लग रहा था कि अब वह वापस कभी अपने घर नहीं लौट पाएंगें। क्रू के सभी सदस्य बुरी तरह से भयभीत थे। उसी दौरान उनकी बात विधायक सुरेंद्र मैथानी से हुई, जिस पर उन्होंने सब ठीक होने का आश्वासन दिया था।
कैद के दौरान हाथों में लिखा होप
नाइजीरियन नेवी ने 12 अगस्त को रोशन व उनके क्रू सदस्यों को हिरासत में लिया था। उन्होंने बताया करीब नौ माह तक नाइजीरियन नेवी की कैद में रहने के दौरान कई बार उनके मन को निराशा ने घेर लिया था, लेकिन कुछ गलत न करने के आत्मविश्वास के कारण उन्होंने कैद में रहने के दौरान हाथों में अपने आप होप(आशा) का टैटू बनाया। उन्होंने बताया कि उनकी आशा था कि एक दिन वह जरूर घर वापस जाएंगें।
कमरे में वेलकम बैक लिख किया स्वागत
रोशन के घर वापसी की जानकारी परिजनों को 2 जून को ओएसएम मैरीटाइम कंपनी की ओर से दी गई थी, जिस पर परिजन खुशी से फूले समाएं हुए थे। 13 माह बाद घर वापसी करने पर परिजन रोशन के आने की तैयारियों में जुटे हुए थे। मां सीमा अरोड़ा ने बताया कि जिस कमरे में रोशन रहता था, उसको घर की महिलाओं ने अच्छे से सजा कर गुब्बारे से वेलकम बैक लिख कर उसका स्वागत किया।
आज जाकर दिल को मिला शुकून, दाल मखनी खिलाऊंगी। बेटे की घर वापसी के बाद मां सीमा अरोड़ा खुशी से उत्साहित नजर आईं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी की सूचना के बाद से वह भगवान से बेटे की सलामती की ही दुआ मांगती थीं। आज ऊपर वाले ने दुआ कुबूल कर ली है। इससे ज्यादा खुशी जीवन में नहीं मिलेगी। आज बेटे को दाल मखनी खिलाऊंगी।
28 मई को नाइजीरियन कोर्ट से हो गई थी रिहाई
नौ माह तक नाइजीरियन नेवी की कैद में रहने के बाद 28 मई को रोशन समेंत 26 क्रू मेंबरों की रिहाई हो गई थी। उन्होंने बताया कि ओएसएम कंपनी व गृह मंत्रालय व शहर के जनप्रतिनिधियों के सहयोग के कारण ही आज यह संभव हो पाया है।
कुछ दिन आराम के बाद दोबारा काम पर लौटूंगा
रोशन ने मां सीमा अरोड़ा को गले लगाते हुए बताया कि कई महीनों बाद घर वापस आया हूं। रिहाई होने के बाद खुशी के कारण तीन दिन तक खाना भी नही खाया। गिरफ्तारी के दौरान कंपनी ने बहुत सहयोग किया है। अब कुछ दिन आराम करने के बाद दोबारा काम पर लौट जाऊंगा।
भारत के दुनिया में बहुत अच्छे संबंध, भारतीय होने का गर्व
घर लौटे रोशन ने बताया कि मोदी सरकार के दुनिया के देशों से बहुत अच्छे संबंध है, जिसका फायदा उन्हें मिला। बताया कि 26 क्रू के सदस्यों में एक पोलैंड व एक फिलीपींस का भी नागरिक था, लेकिन भारतीय गृह मंत्रालय ने जो सहयोग किया व अन्य देशों ने नहीं मिला। भारतीय पासपोर्ट इतना ताकतवर है कि अगर आपने गलत नहीं किया तो विदेश में आपके साथ अन्याय नहीं हो सकता, उन्हें भारतीय होने का गर्व है।
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