पेंडोरा पेपर: ईडी ने कारोबारी भाइयों के खिलाफ दर्ज मामले में 30.60 करोड़ रुपये का निवेश जब्त किया 

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। पेंडोरा पेपर नामक वैश्विक वित्तीय डेटा लीक के दौरान जिन दो भाइयों विक्रम स्वरूप और गौरव स्वरूप के नाम सामने आए थे, उनके खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के उल्लंघन के कथित मामले में प्रतिभूतियों में किये गये 30.60 करोड़ रुपये मूल्य के निवेश को जब्त किया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को यह जानकारी दी। जेंसी ने एक बयान में बताया कि पेंडोरा लीक में कहा गया है कि भारतीय व्यवसायी बंधु ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में निगमित एप्सिलॉन एंटरप्राइजेज लिमिटेड कंपनी में लाभार्थी मालिक थे। पेंडोरा पेपर लीक का मामला 2021 में सामने आया था, जब इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स ने 2.94 टेराबाइट का डेटा जारी किया था, जिसमें भारत समेत 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों के अमीरों के अन्य देशों में लेन-देन की जानकारी दी गई थी।

प्रवर्तन निदेशालय ने कहा, विक्रम स्वरूप और गौरव स्वरूप एप्सिलॉन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के बैंक खातों में लाभार्थी थे। ये खाते स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, जर्सी और बैंक जे सफरा सरसिन, स्विट्जरलैंड में थे।

निदेशालय ने कहा, जांच में पाया गया कि स्वरूप बंधुओं के पास इन खातों में विदेशी मुद्रा के रूप में संपत्ति थी, जो विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, (फेमा) 1999 की धारा चार का उल्लंघन है। उसने कहा कि प्रतिभूतियों में निवेश के रूप में कुल 30.60 करोड़ रुपये की संपत्ति की पहचान की गई और इसे फेमा की धारा 37ए के तहत जब्त किया। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

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