लखनऊ: जिसने जमानत करवाई, उसी से एक लाख रुपये ठग कर भाग निकला जालसाज
अधिवक्ता से एक लाख रुपये की साइबर ठगी, गोमती नगर थाने में प्राथमिकी
लखनऊ/अमृत विचार। कहते हैं न कि सांप को दूध पिलाओगे तो एक दिन आपको ही डसेगा…। कुछ ऐसा ही वाकिया गोमती नगर थाना क्षेत्र में सामने आया है। जहां जिसने साइबर फ्रॉड की कोर्ट से जमानत कराई, उसी साइबर फ्रॉड ने जमानत कराने वाले अधिवक्ता से ही झांसा देकर एक लाख ठग लिये। पीड़ित अधिवक्ता ने गोमती नगर थाने में साइबर ठग समेत तीन लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मां की तबियत खराब होने का बहाना बनाकर मांगे पैसे
लिखित शिकायत में गोमती नगर के हुसड़िया गांव के निवासी परमानंद गुप्ता ने बताया कि वे पेशे से अधिवक्ता हैं। कुछ समय पूर्व ही उन्होंने हाईकोर्ट से साइबर फ्रॉड के आरोपी रजनीश गुप्ता नाम के युवक को जमानत दिलवाई थी। जमानत पर बाहर आने के बाद से गत 19 जून को शाम 7:30 बजे उनके पास रजनीश गुप्ता ने फोन करके कहा कि उसकी मां की तबियत बहुत खराब है। ऑपरेशन कराने के लिए एक लाख रुपये की जरूरत है।
रजनीश ने कहा कि मैं कुछ लोगों से ऑनलाइन पैसे मंगवा रहा हूं, उनसे अपने खाते में पैसे लेकर मुझे भेज दो। इसके कुछ देर बाद यूपीआई एनईएफटी का मैसेज प्राप्त हुआ। रुपये आने के बाद परमानंद ने रजनीश द्वारा बताये गये राजकुमार व सोन बाई नामक दो लोगों के खातों में कुल एक लाख रुपये भेज दिये। पर इसी दौरान पूर्व में परमानंद के खाते में भेजे गये एक लाख रुपये भी गायब हो गये।
बैलेंस निल का मैसेज आने पर परमानंद ने रजनीश को कॉल किया तो वह गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा और फोन काटकर ब्लैकलिस्ट कर दिया। अंतत: परमानंद ने गोमती नगर थाने मे रजनीश गुप्ता, राजकुमार और सोन बाई के खिलाफ लिखित शिकायत की। गोमती नगर प्रभारी निरीक्षक दीपक पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की मदद से खातों की जानकारी प्राप्त की जा रही है।
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