PDA के फॉर्मूले पर अखिलेश ने दी प्रतिक्रिया, कहा- सब इससे जुड़ें, जानें क्या है पीडीए फॉर्मूला
लखनऊ। सपा प्रमुख व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने PDA के फॉर्मूले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इससे जुड़े। अखिलेश ने ट्वीट कर कहा कि पीडीए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के शोषण के खिलाफ उपजी हुई एक एकता है, जिसमें हर वर्ग के लोग शामिल हैं।
PDA मूल रूप से ‘पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यक’ के शोषण, उत्पीड़न व उपेक्षा के ख़िलाफ़ उठती हुई चेतना व समान अनुभूति से जन्मी उस एकता का नाम है, जिसमें हर वर्ग के वे सब लोग भी शामिल हैं, जो मानवता के आधार पर इस तरह की नाइंसाफ़ी के ख़िलाफ़ हैं।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 21, 2023
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सब इससे जुड़ें!
दरसअल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुट गईं हैं। ऐसे में भाजपा को टक्कर देने के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों को पार्टी से जोड़ने की एक कवायद शुरू की है जिसका नाम उन्होंने पीडीए दिया है।
जानें क्या है PDA फॉर्मूला?
दरअसल सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा सरकार को टक्कर देने के लिए एक नया 'PDA' फार्मूला तैयार किया है। जिसके दम पर वह लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को चुनौती देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि, "इस बार लोकसभा चुनाव में वो P यानी पिछड़े, D यानी दलित और A यानी अल्पसंख्यकों के सहारे NDA को हराएंगे।"
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