पीलीभीत: युवक को पहले रेत में दबाया, फिर अस्पताल लेकर आए ..नहीं बच सकी जान, जानिए पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। ई-रिक्शा चार्जिंग पर लगाते समय युवक के करंट लग गया। करंट लगने से युवक गंभीर रूप से झुलस गया। ग्रामीणों ने युवक के कई घंटे तक रेत में दबाए रखा। इसके बाद भी हालत में सुधार नहीं होने पर परिवार वाले जिला अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत से उसके घर में कोहराम मच गया।

 गजरौला थाना क्षेत्र के गांव घियोना पिपरिया भजा निवासी महेश (28) पुत्र बाबूराम ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करता था। बताते हैं कि बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे महेश ई-रिक्शा चार्जिंग पर लगा रहा था। चार्जिंग पर लगाते समय युवक को करंट लग गया और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। इससे मौके पर भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने महेश का इलाज करने के लिए रेत में दबा दिया। जब काफी देर तक महेश के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई, तो 108 एंबुलेंस से परिवार वाले जिला अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

महेश के ससुर गांव वाहनपुर निवासी मिहीलाल ने बताया कि दो घंटे तक रेत में दबाने पर कोई फायदा नहीं हुआ, तो अस्पताल लेकर आए। जिला अस्पताल प्रशासन ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। बता दें कि तराई के कई इलाकों में लोग करंट लगने के बाद पीड़ित को रेत में दबा देते हैं। उनका मानना है कि इससे सुधार हो सकता है। मगर कई बार इसी के चक्कर में इलाज में देरी के चलते जान भी जा चुकी हैं।

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