लखनऊ: कर्मचारी स्थानांतरण नीति के खिलाफ लामबंद हुए कर्मचारी, 27 जून को आंदोलन की तैयारी
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में कर्मचारी स्थानान्तरण नीति को लेकर लामबंद हो चुके हैं। 27 जून को प्रदेश व्यापी आंदोलन की तैयारी है। इसके लिए अलग-अलग संगठनों ने उत्तर प्रदेश कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आंदोलन करने का मन बनाया है। कर्मचारी संगठनों ने 26 जून तक का समय सरकार को अपनी मांगों को पूरा करने का दिया है।
दरअसल,कार्मिक विभाग ने स्थानांतरण नीति के पैरा 12 में जिन नियमों का उल्लेख किया है, उससे कर्मचार संगठन नाराज है। बताया जा रहा है कि कर्मचारी संगठनो का अस्तित्व समाप्त करने की साजिश की जा रही है। इसको तत्काल संशोधित करने की मांग करते हुए कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने 27 जून से आंदोलन की घोषणा कर दी है, जिसमे हड़ताल भी शामिल हो सकती है । आंदोलन की नोटिस मुख्य सचिव को भेज दी गई है ।
गौरतलब है कि अभी तक मान्यता प्राप्त संघों के प्रांतीय मंडल जिला अध्यक्ष सचिव को सामान्य स्थानांतरण से मुक्त रखा जाता रहा है, लेकिन इस वर्ष जारी स्थानांतरण नीति में इसमें संशोधन कर दिया गया है। जिससे प्रदेश भर के कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की बैठक वन विभाग मुख्यालय में मोर्चे के अध्यक्ष वीपी मिश्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें मोर्चे से जुड़े सभी घटक संघ परिसंघ सम्मिलित हुए।
बैठक में एक स्वर से स्थानांतरण नीति 2023 का विरोध किए जाने का निर्णय लिया गया । मोर्चे की बैठक में उपस्थित संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर से मांग की है कि तत्काल स्थानांतरण नीति 2023 के उपरोक्त पैरा 12 को संशोधित करते हुए पूर्व की भांति व्यवस्था स्थापित की जाए ।
मोर्चे के महासचिव शशि कुमार मिश्र ने बताया कि पूर्व की नीतियों में में यह निहित होता था कि "सरकारी सेवकों के मान्यता प्राप्त सेवा संघ के अध्यक्ष/सचिव, जिनमें जिला शाखाओं के अध्यक्ष एवं सचिव भी सम्मिलित हैं, के स्थानांतरण, उनके द्वारा संगठन में पदधारित करने की तिथि से 2 वर्ष तक न किए जाएं। यदि स्थानांतरण किया जाना अपरिहार्य हो तो स्थानांतरण के लिए प्राधिकृत अधिकारियों से एक स्तर उच्च अधिकारी का पूर्वानुमोदन प्राप्त किया जाए। जिला शाखाओं के पदाधिकारियों के स्थानांतरण प्रकरणों पर जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति प्राप्त की जाए।
फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लगातार प्रदर्शन कर अपना विरोध जता रहे हैं। प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठनों से अपील है कि एकजुट होकर 26 जून के बाद बड़े आन्दोलन जिसमें कामबन्दी भी शमिल है को सफल बनाकर अपने अस्तित्व को बचाने के लिए तैयार रहें।
अध्यक्ष राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश पाण्डेय ने कहा कि सरकार के कर्मचारी संगठन विरोधी रवैये को देखते हुए बड़े से बड़ा संघर्ष करने का आवाहन किया। सुरेश रावत एवं अतुल मिश्र महामंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कहा कि उन्होंने स्थानान्तरण नीति के विरूद्ध पहले से ही आन्दोलन की नोटिस रखा है और स्वास्थ्य विभाग के आन्दोलन का पूरा समर्थन दिया है।
इसी तरह स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ राजकीय निगम कर्मचारी महासंघ, फेडरेशन आफ फारेस्ट के महामंत्री आशीष पाण्डे, प्राथमिक शिक्षक संघ, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री गिरीश मिश्र आदि ने मोर्चा के आन्दोलन का पूरा समर्थन देकर सरकार को चेतावनी दी है कि कर्मचारी संगठन के अस्तित्व को बचाने के लिए बड़े से बड़ा संघर्ष करेंगे।
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