पीओके में सेना ने युद्ध सामग्रियों की तस्करी का प्रयास किया विफल

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श्रीनगर। सेना के चौकस जवानों ने जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से स्वचालित हथियारों एवं ग्रेनेड समेत युद्ध में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्रियों को तस्करी कर कश्मीर घाटी ले जाने के आतंकवादियों के प्रयास को नाकाम कर दिया तथा सभी हथियार बरामद कर लिए। सेना …

श्रीनगर। सेना के चौकस जवानों ने जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से स्वचालित हथियारों एवं ग्रेनेड समेत युद्ध में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्रियों को तस्करी कर कश्मीर घाटी ले जाने के आतंकवादियों के प्रयास को नाकाम कर दिया तथा सभी हथियार बरामद कर लिए।

सेना और पुलिस के अधिकारी पहले ही कह चुके हैं कि घाटी में आतंकवादी हथियारों एवं गोला-बारूद की कमी का सामना कर रहे हैं। सुरक्षा बलों की ओर से नियंत्रण रेखा और आतंकवादियों के ठिकानों पर किए गए सफल अभियानों के कारण ऐसा मुमकिन हुआ है।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने मंगलवार को बताया कि गत 30 अगस्त को उरी के रामपुर सेक्टर में कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधियां देखी गईं। नियंत्रण रेखा के पास यह गतिविधियां हो रहीं थी तथा संदिग्ध लोग भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। कर्नल कालिया ने कहा कि प्रतिकूल इलाके और खराब मौसम की स्थिति के कारण संभावित घुसपैठ के प्रयास को लेकर सेना को सतर्क किया गया था।

सर्विलांस टीम को पूरे क्षेत्र में उतारा गया और इस तरह के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए घात लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि रात भर निगरानी जारी रही। उन्होंने बताया कि सोमवार को तड़के 5 बजे पूरे इलाके की तलाशी ली गई। रामपुर सेक्टर में दो ठिकानों पर सघन तलाशी के बाद भारी मात्रा में हथियार एवं गोले बारूद बरामद किए गए।

कालिया ने बताया कि बरामद हथियारों में पांच एके राइफल, छह एके मैगजीन, एके गोला बारूद से भरे दो बक्से, 1254 एके गोलियां, छह पिस्तौल, गोलियों से भरे नौ पिस्तौल मैगजीन, छह ग्रेनेड, 21 यूजीबीएल और दो केनवुड वायरलेस सेट शामिल हैं।

कर्नल कालिया ने कहा कि इस इलाके में घुसपैठ रोधी बाड़ के आगे गांव हैं। हथियारों एवं गोले बारूद की तस्करी का तरीका यह है कि पहल से चिन्हित स्थानों पर हथियार एवं गोले बारूद रख दिए जाते हैं जिससे बाद में आतंकवादी या उनकी मदद करने वाले सहयोगी अपने-अपने ठिकानों की ओर ले जाते हैं जिसका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में की जाती है।

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