लखनऊ: मंदिर में जड़ा ताला, कैद हुए भगवान, दो पक्षों में हुआ विवाद, जानें पूरा मामल
लखनऊ/अमृत विचार। ठाकुरगंज थानांतर्गत निवाजगंज में दो पक्षों के बीच एक 50 वर्ष पुराने मंदिर में तालाबंदी किये जाने को लेकर विवाद हो गया। माहौल गर्म होते देख लोगों ने पुलिस को सूचित किया। इससे पूर्व कि विवाद बढ़ता, भारी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंच गई और दोनों पक्षों को शांत कराया। एक पक्ष का आरोप है कि मंदिर की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करके बेचा जा रहा है। वहीं दूसरा पक्ष इसे अपनी पैत्रक जमीन बता रहा है। एक पक्ष की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डेढ़ वर्ष पूर्व मंदिर में जड़ दिया था ताला
निवाजगंज निवासी अंकुर सक्सेना ने लिखित शिकायत करते हुए बताया कि उनके घर के समीप लगभग 50 वर्ष से ज्यादा पुराना बुआ जी का मन्दिर स्थित है। मन्दिर पर ट्रस्ट बनाकर प्रेम मिष्ठान भण्डार के प्रोपराइटर स्व0 प्रेम यादव ने कब्ज़ा कर लिया था। इसी बीच अंकुर व उनके साथियों ने श्री सांई सेवा संस्कार समिति बनाकर लगभग तीन लाख रूपये लगाकर मंदिर का जीर्णोद्वार कराया था। मन्दिर में श्री कृष्ण राधा, शनिदेव, नवगृह व राम दरबार एवम् प्राचीन काली जी की व शिवालय मौजूद हैं। अंकुर ने बताया कि स्व. प्रेम यादव के जीवित रहते हुये इनके दोनों बेटों चौक निवासी अरविन्द यादव व अनुराग यादव ने मन्दिर की हजारों स्क्वायर फिट ज़मीन टाउन हाल स्कूल वालों को बेच दी थी। प्रेम यादव की मृत्यु के बाद से लगभग दो वर्ष से अरविन्द यादव व अनुराग यादव नें कब्जा करने की नीयत से मन्दिर में ताला लगाकर सभी भगवानों को कैद कर दिया है।
चार दिन पूर्व गाली-गलौज पर फिर से उठा था विवाद
अंकुर ने बताया कि मंदिर पर तालाबंदी के खिलाफ वे और उनके साथ कई दिनों से विरोध कर रहे थे। इसी बीच गत 23 जून को दोपहर लगभग 01:00 बजे अरविन्द यादव व अनुराग यादव के साथ 4-5 अज्ञात लोग मन्दिर के समीप आये। इसी बीच अंकुर को वहां से निकलता देख आरोपी उसे रोककर गालियां देने लगे और अपने आपको सपा के उच्च नेताओं के रिश्तेदार बताकर जान से मारने की धमकी देने लगे।
भगवान राम का मुकुट और दानपात्र के पैसे गायब करने का आरोप
अंकुर ने बताया कि उसे मंदिर में झांककर देखा तो भगवान राम की मूर्ति पर लगा चांदी का मुकुट गायब था। जो कि अरविंद, अनुराग व उसके साथियों द्वारा ही गायब किया गया था। अंकुर का आरोप है कि इससे पूर्व भी मंदिर की दान पेटियों से लगभग दस हजार रुपये चोरी हुए थे। दानपात्र के ताले भी बदल दिये गये थे। जिसकी शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल से लेकर कमिश्नर तक की गई थी। इसी के बाद से दोनों भाई उसकी जान के पीछे पड़े हुए हैं।
मंदिर की जमीन के संबंध में मांगे गये कागजात : थाना प्रभारी
ठाकुरगंज थाना प्रभारी विकास राय ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर मंदिर के पट खुलवाकर जांच की गई थी। मंदिर से किसी भी वस्तु की चोरी नहीं हुई है। आरोपी अरविंद और अनुराग यादव मंदिर की जमीन को अपनी पैत्रक जमीन बता रहे हैं। मंदिर प्राइवेट प्रॉपर्टी पर बना है। फिलहाल आरोपियों से मंदिर की जमीन के कागजात की मांग की गई है। कागजात मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
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