बाजपुर: बारिश का पानी खाली प्लाटों में हुआ जमा 

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Edited By Amrit Vichar
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लेवड़ा नदी का बढ़ने लगा है जलस्तर, सफाई न होने से तीव्र बेग बढ़ने पर बन सकते हैं बाढ़ के हालात 

बाजपुर, अमृत विचार। बारिश से मौसम काफी सुहावना हो गया तथा पिछले काफी समय से भीषण गर्मी की मार झेल रहे लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन बारिश के कारण शहरी क्षेत्र के अंदर कई खाली प्लाटों में जलभराव हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र में भोना कॉलोनी से विक्रमपुर इंडस्ट्री एरिया को जोड़ने वाले कच्चे मार्ग में कीचड़ व पानी जमा हो गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में समस्या उत्पन्न हो गई है।

बुधवार की देर रात शुरू हुई बारिश गुरुवार की प्रात: सात बजे तक रुक-रुक कर जारी रही। मानसून की हल्की बारिश से ही जहां नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं, अनेक खाली पड़े प्लाटों में जल निकासी नहीं होने के कारण दो से तीन फिट तक पानी भर गया है, जिससे जहां मच्छर पनपना शुरू हो गया है।

वहीं, धूप निकलने के बाद पानी से दुर्गंध भी आने लगी है, जोकि बीमारियों को निमंत्रण दे रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश की वजह से कीचड़ उत्पन्न होने के कारण अनेक मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। शहर से सटकर गुजर रही लेवड़ा नदी की साफ-सफाई के प्रति प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है।

संबंधित विभाग के अधिकारियों की उदासीनता इस बार फिर शहरवासियों के लिए मुसीबत का कारण बन सकती है, क्योंकि इस बार जहां मानसून आ चुका है और पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बरसात भी हो रही है। जिससे समय-समय पर लेवड़ा सहित अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है जिसको निकासी का पर्याप्त स्थान न मिल पाने के कारण यह पानी सिंचाई के लिए लगाए गए पाइपों के रास्ते में खेतों व आबादी की ओर आ रहा है।

जिसकी क्षमता फिलहाल पानी कम होने की वजह से नुकसानदायक नहीं है, लेकिन जैसे ही जलस्तर तीव्र बेग से आएगा सफाई न होने की वजह से यह पानी आबादी व शहरी क्षेत्र में मार करेगा। लेवड़ा नदी का आलम यह है कि अनेक स्थानों पर यह दो से तीन मीटर चौड़ी ही रह गई है। इतना ही नहीं चकरपुर में 58 लाख रुपये से बनने वाले पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने के कारण इस बरसात में भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

 

 

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