शाहजहांपुर: जांच अधिकारियों को हैरान कर रहा अधूरे सत्यापन से हुआ भुगतान

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नगर निगम में तेल खरीद में खेल का लग रहा है आरोप, नगर आयुक्त ने बनाई है चार सदस्य जांच कमेटी

शाहजहांपुर, अमृत विचार: नगर निगम में हुए कथित तेल के खेल की जांच ने अधिकारियों को हैरत में डाल दिया है। आरोपों की जांच कर रहे अधिकारी हैरान हैं कि आखिर सत्यापन पूरा हुए बिना ही तेल के पैसे का भुगतान कैसे कर दिया गया। महापौर अर्चना वर्मा ने बीते दिनों नगर निगम की वर्कशाप का निरीक्षण किया तो वहां वाहनों व डीजल के भुगतान से संबंधित अभिलेख सही नहीं मिले।

लागवुक में पूरा विवरण दर्ज नहीं था। पत्रावलियां और भंडार पंजिका भी संतोषजनक नहीं मिली। निगम के वाहनों में प्रतिदिन 1400 से 1500 लीटर का प्रयोग दर्शाया गया था। महापौर ने कर्मचारियों से इस संबंध में पूछताछ की तो जवाब संतोषजक जवाब नहीं मिल पाया। उन्होंने गड़बड़ी की आशंका जताते हुए जांच कराने की बात कही थी।

इसके बाद नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर नगर आयुक्त एसके सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनोज कुमार मिश्रा, लेखाधिकारी चंद्रपाल मौर्य व ज्येष्ठ लेखा परीक्षक अमित उपाध्याय की टीम जांच के लिए गठित कर दी। अब मामले की जांच चल रही है।

निगम के अपने ही अधिकारी निगम में ही हुए डीजल के खेल की जांच कर रहे हैं। निगम के अधिकारियों ने दावा किया है कि प्रतिदिन मशीनों से दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इनमें प्रयुक्त होने वाले वाहनों में 225 लीटर डीजल प्रतिदिन खर्च हो रहा है। बुलडोजर, कूड़ा उठान के लिए लगे ट्रैक्टर आदि में भी डीजल खर्च हो रहा है। इसी तरह कुछ अन्य मशीनों में डीजल खर्च होने का दावा अधिकारियों ने किया है।

नगर निगम से जुड़े सूत्र बताते हैं कि जांच अधिकारियों के सामने आया है कि कुछ प्रकरणों में सत्यापन अधूरा रहने के बाद भी डीजल के पैसे का भुगतान कर दिया गया। जबकि सत्यापन के बिना भुगतान नहीं किया जाना चाहिए था। अब अधिकारी हैरत में हैं कि ऐसा क्यों हुआ। नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

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