हल्द्वानी: पैराफिट टूटने से गुलाबघाटी पर बनी खतरों की डगर
10 मीटर तक सड़क के किनारे बने पैराफिट ही हुए गायब
रेडियम संकेत न होने से रात में मोड़ का नहीं चलता है पता
गौरव तिवारी, हल्द्वानी, अमृत विचार। ऊंचे पहाड़ घने जंगल व तालों की सुंदरता सभी को यहां खींच लाती हैं, पर्यटन सीजन में नैनीताल व भीमताल जाने वाले सैलानियों के वाहनों की बाढ़ सी आ जाती हैं। जिसके चलते सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार सी लग जाती है।
मार्ग खुलते ही सैलानियों के वाहनों में आगे निकलने की होड़ सी मच जाती है, आगे निकलने की जल्दबाजी में कई बार दुर्घटना होते-होते रह जाती है। ऊपर से सड़क किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नदारत है, गुलाबघाटी सड़क की मोड़ पर करीब 10 मीटर तक पैराफिट ही गायब है। जिससे जिसके चलते कभी भी बड़ी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
शुक्रवार अमृत विचार ने नैनीताल-भीमताल मार्ग की पड़ताल की तो गुलाबघाटी के ठीक नीचे से ही गौलानदी बह रही है, इसी बीच मोड़ पर करीब 10 मीटर सड़क के किनारे स्थित सुरक्षा के लिए बनाएं गए पैराफिट ही गायब हो चुके है, जिसके चलते कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
मोड़ इतना खतरनाक है कि अगर गाड़ी नहीं कटी तो हादसा होना तय है। इनके किनारों पर बने अधिकांश पैराफिट गुणवक्ता पर भी सवाल उठता है हल्के से वाहन की टक्कर भी झेल पाना मुश्किल है।
वहीं लोहे के पैराफिट पर रेडियम लगाना अनिवार्य है जिसके चलते रात के अंधरे में वाहन चालते समय पता चल सके कि आगे मोड़ है, लेकिन इन रूट पर लोहे के पैराफिट पर रेडियम भी नहीं दिखाई पड़ती है। लोकल स्तर पर चलने वाले वाहन चालकों को जानकारी रहती है की आगे मोड़ है, लेकिन बाहरी राज्यों के सैलानी इससे अभिनज्ञ्य हैं।
पैराफिट की सीमेंट उधड़ी बाहर निकली सरिया
गुलाबघाटी सड़क के मोड़ पर बने पैराफिट की सीमेंट उधड़ गई है व लोहे की सरियां बाहन निकल आई है, खतरानाक मोड़ पर वाहनों की हल्की भी अनदेखी के चलते कई फीट नीचे बह रही गौलानदी में वाहन गिरने के खतरे से भी इनकरा नहीं किया जा सकता है।
काठगोदाम से नैनीता की करीब 33 किलोमीटर की सड़क के लिए कार्य होना प्रस्तावित है, जगह-जगह सड़क के किनारों पर बने क्षतिग्रस्त हुए पैराफिट की मरम्मत कराई जाएगी।
-कोकिला तिवारी, सहायक अभियंता, एनएच
