बरेली: मंडल में डेंगू की दस्तक, अफसर मूकदर्शक, पहली बारिश के बाद डेंगू के तेजी से बढ़ने के आसार
प्रदेश में अति संवदेनशील घोषित है मंडल, टीमें कहां चला रहीं अभियान, अफसरों को पता नहीं
बरेली, अमृत विचार: मलेरिया के बाद अब डेंगू ने मंडल में दस्तक दे दी है। बीते दिनों शाहजहांपुर में एक मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों में भी संदिग्ध डेंगू के लक्षण मिलने लगे हैं। बावजूद इसके 1 जुलाई से शुरू हुए विशेष संचारी अभियान के तहत टीमों कहां रोकथाम कर रहीं है इसका अंदाजा अफसरों को नहीं है।
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हालांकि विभाग जिले में 3200 टीमें रोकथाम और बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का दावा कर रहा है। वर्ष 2018 में मलेरिया के मामलों में बरेली जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा था, लेकिन विभागीय तैयारियों को देखकर लग रहा है कि कहीं फिर से हालात बेकाबू न हो जाएं। चौंकाने वाली बात यह है कि सीएमओ कार्यालय परिसर में ही कई दिनों से जलभराव है जिसमें मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
पिछले पांच सालों में इतने मिले डेंगू- मलेरिया मरीज: स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पांच सालों में एक लाख से ज्यादा मलेरिया के मरीज दर्ज हैं। 2018 में 37482, 2019 में 46717, 2020 में 11686, 2021 में 2362 और 2022 में 1805 मरीज जिले में मिले हैं। इसके साथ ही वर्ष 2018 में डेंगू के 27, वर्ष 2019 में 264, वर्ष 2020 में 8, वर्ष 2021 में 595, वर्ष 2022 में 474 और 2023 में अब तक 13 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है।
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