हल्द्वानी: लंपी रोग से मुक्ति और कृत्रिम गर्भाधान पर जोर देना है प्रमुख उद्देश्य - कर्नाटक
हल्द्वानी, अमृत विचार। पशुपालन विभाग के नए निदेशक बीसी कर्नाटक ने शनिवार को नवाबी रोड स्थित पशुपालन विभाग अपर निदेशक कार्यालय में प्रेस वार्ता की। डॉ. कर्नाटक ने बीते 1 जुलाई को विभाग के निदेशक का कार्यभार ग्रहण किया था।
प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा पशुओं में लंपी रोग से पूर्ण रूप से निजात दिलाने के लिये प्रदेश के सभी गौवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। जगह-जगह कैंप के माध्यम से इस बीमारी से ग्रसित पशुओं का उपचार पशुपालक के द्वार पर किया जाएगा।
बताया कि प्रदेश में 60 विकासखंडों में सचल पशुचिकित्सा वाहन भारत सरकार की तरफ से उपलब्ध कराये गए हैं। जो पशुपालकों के द्वार पर सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। जल्द ही शेष 35 विकासखंडों में भी यह सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। अभी तक 358 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है और दूरस्थ क्षेत्रों में भी व्यापक तौर पर मवेशियों का चिन्हीकरण कर उनका टीकाकरण किया जा रहा है।
आवारा जानवरों पर रोकथाम के लिए चलाई जा रही गौपालक योजना
हल्द्वानी।सड़कों पर आवारा घूमते पशुओं की रोकथाम को गौपालक योजना चलाई जा रही है। जिसमें एक व्यक्ति 5 जानवर रख सकता है और सरकार प्रति पशु 80 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से 400 रुपये भुगतान कर रही है। वर्तमान में कुल कृत्रिम गर्भाधान का 40 प्रतिशत लिंग वर्गीकृत वीर्य से किया जा रहा है। अगले 2.5 सालों में सौ प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान लिंग वर्गीकृत वीर्य से करने का लक्ष्य है जिससे प्रदेश में 90 प्रतिशत से अधिक मादा बच्चों का जन्म होगा और आवारा नर पशुओं की संख्या पर लगाम लगेगी।
रिक्त पदों पर होगी नियुक्ति
हल्द्वानी। 15 पशु चिकित्सालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं हैं इनके लिए 84 पद स्वीकृत हो गए हैं। इसके अलावा पशुधन प्रसार अधिकारियों की नियुक्ति सहित अन्य रिक्त पदों पर कांट्रेक्ट और स्थाई नियुक्तियों को लेकर शासन स्तर पर जल्द मंजूरी मिलने की बात कही।
