हल्द्वानी: जियो फेंसिंग से जल्द लगेगी प्रोफेसर और विद्यार्थियों की हाजिरी
हल्द्वानी, अमृत विचार। महाविद्यालयों में प्राचार्यों के बाद जल्द ही प्रोफेसर और विद्यार्थियों की हाजिरी भी जियो फेंसिंग एप के जरिए लगेगी। उच्च शिक्षा प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसका ट्रायल शुरू करेगा। दूर दराज के पर्वतीय इलाकों के डिग्री कॉलेज में शिक्षकों और विद्यार्थियों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जियो फेंसिंग हाजिरी सिस्टम लागू होगा। पहले चरण में इसे एमबीपीजी कॉलेज समेत चार महाविद्यालयों में लागू करने की तैयारी है। भविष्य में प्रदेश के सभी कॉलेज में लागू हो सकता है।
दरअसल कॉलेजों में विद्यार्थियों की उपस्थिति आज भी रजिस्ट्रर पर ही लगती है। इससे छात्रों की हाजिरी कई बार स्पष्ट नहीं हो पाती है। जियो फेंसिंग सिस्टम लगने के बाद यह स्थिति नहीं आएगी। उच्च शिक्षा विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के साथ मिलकर इस ओर काम कर रहा है। इसके तहत, जो भी शिक्षक या छात्र कॉलेज परिसर में प्रवेश करेगा। उसके मोबाइल से ही उसकी उपस्थितित दर्ज हो जाएगी। इसके लिए मोबाइल जियो फेंसिंग के दायरे में होना जरूरी है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहाड़ के कुछ डिग्री कॉलेजों में इसकी शुरुआत होगी। सफल रहने पर सभी महाविद्यालयों में इसे लागू किया जाएगा।
उपनिदेशक डॉ. आरएस भाकुनी ने बताया कि जियो फेंसिंग सिस्टम की शुरूआत हो चुकी है। महाविद्यालयों के प्राचार्यों के लिए इसे लागू कर दिया गया है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राध्यापकों और छात्रों की उपस्थिति के लिए इसका ट्रायल शुरू किया जाएगा। एमबीपीजी कॉलेज समेत प्रदेश के चार कॉलेज इसमें शामिल किए गए हैं।
जियो फेंसिंग, ऐसे लगेगी हाजिरी
यह सैटेलाइट आधारित प्रणाली है। इसमें एक विशेष क्षेत्र की जियो फेंसिंग यानी बाउंड्री बना दी जाती है। इसकी रेंज में जो भी डिवाइस आती है। वह रिकॉर्ड में आ जाएगी। जियो फेंसिंग के ऐरिया में आने पर मोबाइल का वह ऐप काम करेगा जो कि इससे संबंधित होता है। जब कोई छात्र या शिक्षक अपना मोबाइल लेकर परिसर में प्रवेश करेगा, तो उन्हें इसमें डाउनलोड किया गया हाजिरी का ऐप खोलना होगा। यह ऐप जियो फेंसिंग रेंज में ही काम करेगा। ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज हो जाएगी।
