बरेली: खाद्यान्न पर लगेगी लगाम, सभी सदस्यों के अंगूठे का सत्यापन...तभी मिलेगा राशन
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बरेली, अमृत विचार। शासन स्तर से सार्वजनिक खाद्य वितरण प्रणाली में फेर बदल करने की तैयारी चल रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दिए जाने वाले खाद्यान्न को पात्रों तक पहुंचाने और इसकी चोरी रोकने के लिए पूर्ति विभाग जल्द राशन कार्ड में सभी सदस्यों के अंगूठों का सत्यापन शुरू करेगा। सभी सदस्यों के बायोमेट्रिक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राशन मिल पायेगा। हालांकि, सत्यापन सिर्फ एक बार ही करना पड़ेगा। उसके बाद मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक ही राशन का वितरण होगा।
दरअसल कई बार राशन कार्ड में ऐसे नाम जुड़वा लिए जाते हैं, जो संबंधित पाते पर रहते ही नहीं। यानी परिवार के सदस्यों में कुछ लोग विस्थापित हो चुके होते हैं या उनकी मौत हो गई होती है। मगर परिवार का कोई भी एक सदस्य उनका राशन अंगूठा ई-पॉस मशीन में लगाकर ले सकता है, मगर नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसा मुमकिन नहीं हो पायेगा।
अधिकारियों के मुताबिक अंगूठे के सत्यापन के लिए दो बार का वक्त दिया जाएगा। सत्यापन नहीं कराया गया तो यूनिट को निरस्त कर दिया जाएगा जायेगा। हालांकि जिले में अभी कोई लिखित आदेश शासन की तरफ से नहीं आया है, लेकिन कई अन्य जिलों में नई व्यवस्था लागू होने की बात कही जा रही है। पूर्ति विभाग के अधिकारी कोटेदारों को सत्यापन के लिए तैयार रहने के निर्देश दे रहे हैं।
मशीनों में किया जाएगा बदलाव
नई व्यवस्था लागू करने के लिए ई-पास मशीनों को भी अपडेट करने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि मशीनों में सत्यापन का अलग से विकल्प जोड़ा जाएगा। पूरे जिले में बायोमेट्रिक से कार्ड में चढ़े यूनिटों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। जिससे राशन की चोरी को रोका जा सकेगा।
घर का सदस्य नहीं फिर भी चढ़ा नाम
कई मामले पूर्ति विभाग के अधिकारियों तक ऐसे भी पहुंचे, जिसमें परिवार के सदस्यों से अधिक कार्ड में यूनिट चढ़े पाए गए, लेकिन कोटेदार परिवार को राशन कार्ड पर चढ़े हुये यूनिटों के हिसाब से नहीं बल्कि परिवार में जितने सदस्य हैं उसके हिसाब से ही देता था। जाहिर है गलत यूनिट चढ़ाने की गलती धोखे से तो नहीं हुई होगी।
आने वाले दिनों में परिवार के सभी सदस्यों के अंगूठे का बायोमेट्रिक के माध्यम से सत्यापन होगा। अभी लिखित में कोई आदेश नहीं आया है, मगर कई जिलों में इस पर काम शुरू हो गया है---नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।
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