बरेली: छावनी के आवासीय बंगलों में बिना अनुमति के व्यावसायिक सरकारी कार्यालय
छावनी के आवासीय बंगलों में बिना अनुमति के व्यावसायिक सरकारी कार्यालय
बरेली, अमृत विचार। छावनी परिषद क्षेत्र में आवासीय बंगलों में बिना अनुमति वर्षों से संचालित राज्य और केंद्र सरकार के चार सरकारी कार्यालयों पर रक्षा संपदा अधिकारी ने आपत्ति जताई है। रक्षा संपदा अधिकारी के मुताबिक ये कार्यालय वाणिज्यिक किराया एवं कर भी नहीं दे रहे हैं। इन्हें छावनी से शिफ्ट करने के के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। रक्षा संपदा अधिकारी ने डीएम समेत अन्य अधिकारियों को चिट्ठी भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
रक्षा संपदा अधिकारी कुनाल रोहिला का कहना है कि छावनी क्षेत्र में आवासीय बंगलों के सामने सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं, उन पर स्पष्ट लिखा है कि क्रय विक्रय, अनाधिकृत निर्माण, अतिक्रमण, उद्देश्य परिवर्तन सब डिवीजन ऑफ साइट आदि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता है।
रक्षा संपदा अधिकारी की ओर से 6 जुलाई को डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि राज्य और केंद्र सरकार के कार्यालयों द्वारा आवासीय उद्देश्य से घोषित ओल्ड ग्रांड का प्रयोग किया जाना इसके नियमों और जीजीओ (गवर्नर जनरल इन काउंसिल) 179 ऑफ 1836 का स्पष्ट उल्लंघन है।
कार्यालयों के प्रमुखों को लिखित रूप से अवगत भी कराया गया है। उनसे यह अपेक्षा की गई है कि राज्य सरकार रक्षा मंत्रालय की भूमि और उसके नियमों का उल्लंघन न करे लेकिन इसके बाद भी कार्यालयों को शिफ्ट करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। लगातार ओल्ड ग्रांट नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
अधिकारियों और कर्मचारियों के स्तर से इसकी अनदेखी रक्षा मंत्रालय के नियमाें का उल्लंघन किया जाना भी जांच का विषय है कि किस प्रकार से आवासीय परिसर में सरकारी कार्यालय संचालित किए जा रहे हैं जोकि वाणिज्यिक श्रेणी में आता है। कार्यालय संचालित करने के लिए वाणिज्यिक किराया, कर आदि भी देय है।
ये सरकारी दफ्तर हैं छावनी के बंगलों में
रक्षा संपदा अधिकारी के पत्र के अनुसार जीएलआर (जनरल लैंड रजिस्टर) में सभी बंगले दर्ज हैं। बंगला नंबर (35) 3.253 एकड़ में फैला है। इसमें असिस्टेंट कमिश्नर (प्रभारी) वाणिज्यकर सचल दल प्रथम इकाई बरेली का कार्यालय करीब 14 साल से संचालित है।
रिकाॅर्ड के अनुसार लाला बदरीदास पुत्र लाला परमेश्वरी दास के नाम पर यह बंगला दर्ज है। बंगला नंबर (61) 11.977 एकड़ में फैला है। इसमें कुष्ठ रोग कार्यालय करीब 44 साल पहले से संचालित है। रिकाॅर्ड में यह बंगला लेडी मिन्टोस नर्सिंग एसोसिएशन के नाम दर्ज है।
बंगला नंबर (69) 2.656 एकड़ में फैला है और इसमें डिप्टी कमिश्नर कार्यालय व्यापार कर संभाग एबी करीब 24 साल से संचालित है। यह बंगला सुल्तान बेगम पत्नी एम मोइन खान के नाम पर रिकाॅर्ड में दर्ज है। बंगला नंबर (41) 2.823 एकड़ में फैला है और यहां केंद्रीय भूमि जल बोर्ड का कार्यालय करीब 14 साल से संचालित है। यह बंगला लक्ष्मी देवी मेहरा पत्नी स्व. कैलाश नारायन के नाम पर दर्ज है।
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