बरेली: घपले एक से बढ़कर एक...नगर आयुक्त को रिपोर्ट भी नहीं दे रहे हैं मातहत, जानिए मामला
नगर निगम में 15 गंभीर मामले दबाए बैठे हैं अधिकारी, अब रिमाइंडर देकर तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम में भ्रष्टाचार और बेपरवाही के मामलों पर किसी का कोई बस नहीं चल रहा है। हालत यह है कि नगर आयुक्त की ओर से मांगी गई जिन 15 प्रकरणों में रिपोर्ट सप्ताह भर में दी जानी थी, वे महीनों बाद भी नहीं मिली है। अब अपर नगर आयुक्त ने नगर आयुक्त के आदेश का हवाला देते हुए तारांकित मामलों में तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है।
नगर आयुक्त ने लोगों की शिकायतों को तारांकित करते हुए अफसरों से रिपोर्ट मांगी थी। किसी शिकायत को तारांकित करने पर अधिकतम एक सप्ताह में रिपोर्ट देनी होती है, लेकिन फिर भी मातहत अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। इनमें एक शिकायत रामपुर बाग के अजय अग्रवाल की थी जिन्होंने 24 अप्रैल को अपने आवास का गलत टैक्स लगाने का आरोप लगाया था। अब तक शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सिविल लाइंस में जेल रोड निवासी पंकज चौधरी ने कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना, पूर्व टैक्स कर अधीक्षक आरपी सिंह, बाबू रघुनाथ, टीसी राजेन्द्र सिंह पर नगर निगम को वित्तीय हानि पहुंचाने का आरोप लगाते हुए करोड़ों के बिल को लाखों में तब्दील कर देने की शिकायत की। नगर आयुक्त ने एक मई को इसे तारांकित कर जोन -2 के अफसर से जांच रिपोर्ट मांगी लेकिन यह रिपोर्ट भी नहीं दी गई।
बताया जा रहा है कि इस प्रकरण में अधिकारी के खिलाफ राजस्व निरीक्षक को जांच दे दी गई है। लिहाजा वह जांच से बच रहे हैं। इसी तरह एक प्रकरण दर्जी चौक मोहल्ले में मंदिर सुदर्शन कुंवर के सर्वराकार के बड़ा बाजार के किराएदारों के क्षेत्रफल प्रयोग के आधार पर अलग कर कर निर्धारण तय करने के संबंध में है लेकिन इसकी भी जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई।
चौपुला रोड पर किप्स सेंटर वाली गली में रिबेट बाजार का घरेलू टैक्स जमा किया जा रहा है। अजय शर्मा ने इस अनियमितता की शिकायत आठ मई को की थी। नगर आयुक्त ने तारांकित कर रिपोर्ट मांगी मगर नहीं मिली। इस तरह 15 तारांकित प्रकरणों की रिपोर्ट नगर आयुक्त को नहीं मिली है।
उनके नाराजगी जताने के बाद अपर नगर आयुक्त तृतीय सर्वेश गुप्ता ने जोन- 2 के अधिकारी से तीन दिन में सभी लंबित प्रकरणों की जांच रिपोर्ट मांगी है। एक महीने पहले नगर आयुक्त ने जोन -2 का चार्ज सहायक नगर अधिकारी पूजा त्रिपाठी को सौंपा है। इसके पहले जोन-2 के अधिकारी ललतेश सक्सेना थे।
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