हल्द्वानी: एमबी कॉलेज में पहले दिन 148 विद्यार्थियों को मिला प्रवेश
हल्द्वानी, अमृत विचार। एमबीपीजी कॉलेज में पहली मेरिट निलकने के बाद स्नातक प्रथम सेमेस्टर में पहले दिन 148 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया। पांच प्रवेश कांउटर पर सुबह 10.30 से शाम 3.30 तक प्रवेश प्रक्रिया चली। इस दौरान विद्यार्थियों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच के बाद सत्यापन किया गया। दस्तावेजों में कमी पाई जाने पर कई छात्रों को पहले दिन प्रवेश नहीं मिल पाया।
महाविद्यालय में 3120 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। यहां प्रवेश के लिए करीब सात हजारों विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। प्रवेश प्रभारी डॉ. अमित सचदेवा ने बताया कि पहले दिन बीए प्रथम सेमेस्टर में 59, बीकॉम में 35, बीएससी पीसीएम में 30 और बायो ग्रुप में 24 छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिला।
उन्होंने बताया कि पहले दिन प्रवेश समिति के समक्ष समर्थ पोर्टल पर जानकारी अधूरी रखना, इंटर के अंकपत्र अपलोड न करना, माता-पिता के नाम में त्रूटि, जाति प्रमाण पत्र आदि परेशानियां आई। उन्होंने इन परेशानियों का समाधान कॉलेज स्तर से किया गया। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के पोर्टल पर पहले दिन 320 विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया।
पिछली बार महाविद्यालय में 4155 को मिला था प्रवेश
एबीपीजी कॉलेज की 3120 सीटों पर समर्थ पोर्टल से प्रवेश के लिए इस बार करीब 7 हजार विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। एनईपी के अनुसार किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश से वंचित नहीं रखना है। प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी ने बताया कि पिछली बार निर्धारित सीटों के सापेक्ष 4155 विद्यार्थियों को महाविद्यालय में प्रवेश दिया गया। इस बार यदि प्रवेशार्थियों की संख्या बढ़ती है, तो सांध्कालीन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।
महिला डिग्री कॉलेज में दूसरे दिन 86 प्रवेश
अमृत विचार, हल्द्वानी। महिला डिग्री कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में दूसरे दिन 86 छात्राओं ने प्रवेश लिया। प्राचार्य डॉ. शशि पुरोहित ने बताया कि दूसरे दिन बीए में 28, बीएससी गणित में 11, बायो ग्रुप में 17, बीकॉम में 14, बीकॉम ऑनर्स में 16 को प्रवेश दिया गया।
चीफ प्रॉक्टर खत्री ने संभाली अनुशासन व्यवस्था
प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी ने सभी प्रवेश कमेटियों का निरीक्षण किया। वहीं महाविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय खत्री ने प्रवेश के चलते महाविद्यालय की अनुशासन व्यवस्था संभाली। साथ ही नए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
