SGPGI : दबी हुई नाक का बिना सर्जरी इलाज संभव, जानें क्या कहते हैं प्लास्टिक सर्जन

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। टेढ़ी और दबी नाक का इलाज अब बिना सर्जरी के भी हो सकता है। वह भी महज दस से 15 मिनट के भीतर और यह पूरी तरह से सुरक्षित भी है। यह जानकारी शुक्रवार को एसजीपीजीआई के प्लास्टिक सर्जरी एण्ड बर्न विभाग के एचओडी प्रो.राजीव अग्रवाल ने दी। उन्होंने बताया कि लिक्विड राइनो प्लास्टी तकनीक से फिलर भरकर दबी हुई नाक यानी की नाक में मौजूद गड्डे को भरा जाता है। इसमें बहुत की कम समय लगता है।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि इसी तरह अन्य तकनीक व इलाज की जानकारी के लिए शनिवार को एसजीपीजीआई में एक सीएमई का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे और जानकारियां साझा करेंगे।

प्रो.राजीव अग्रवाल बताते हैं कि राइनोप्लास्टी तकनीक से टेढ़ी या फिर दबी हुई नाक को बेहतर आकार देने का काम किया जाता है या फिर नाक के पुनर्निर्माण में भी इस तकनीक का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है, लेकिन अब बहुत से लोग गैर-सर्जिकल विकल्प के बारे में जानकारी करने और उसके जरिये अपना इलाज कराना ज्यादा बेहतर समझते हैं। लिक्विड राइनो प्लास्टी एक किफायती प्रक्रिया है, जिससे लोगों को लाभ मिल रहा है।

क्या है लिक्विड राइनोप्लास्टी 

प्रो.राजीव अग्रवाल ने बताया कि लिक्विड राइनो प्लास्टी, राइनोप्लास्टी सर्जरी का ही एक विकल्प कहा जा सकता है। इसके जरिये बिना सर्जरी के इलाज किया जाता है। इस तकनीक से कम समय में नाक के आकार को ठीक किया जाता है। हालांकि यह अस्थाई होता है, लेकिन इसके कई फायदे हैं। उन्होंने बताया कि नाक के आकार को बेहतर बनाने के लिए आमतौर पर नाक की त्वचा के नीचे फिलर्स इंजेक्ट किया जाता है। जिससे नाक का आकार बेहतर हो जाता है। 

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