लखनऊ : दूध और चाय से जलने पर न लगायें बर्फ, जानें क्या कहतें हैं प्लास्टिक सर्जन

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। गर्म पानी, दूध, चाय से जलने पर उस हिस्से को साफ पानी की बाल्टी में 15-20 मिनट तक डुबो कर रखें, लेकिन इस दौरान बर्फ का इस्तेमाल न करें। यदि शरीर का स्थान बाल्टी के पानी में जाने लायक नहीं है, तो नल के पानी का सीधे तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। कुलमिलाकर जला हिस्सा साफ पानी के संपर्क में होना चाहिए। यह जानकारी केजीएमयू के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. विजय कुमार ने दी। वह शनिवार को विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर मरीजों के तीमारदारों को जलन से रोकथाम के बारे में बता रहे थे। उन्होंने बताया कि कैसे हम घरों, खेती, फैक्टरियों में बर्न को रोक सकते हैं।  

उन्होंने बताया कि बिजली यानी की करंट से जले हुये मरीज को सावधानी पूर्वक निकालें और यह भी ध्यान में रखें कि आप स्वयं को न जला लें।  जले हुये भाग से चिपके हुए कपडे, ज्वैलरी, कड़ा आदि को सावधानी पूर्वक निकाल लें। मरीज को साफ, खुले वातावरण में ले जायें तथा साफ कपड़े, चादर या कम्बल में कवर कर दें और सांस लेने के लिये मुंह खुला रखें।  जले हुये मरीज को तत्काल निकटतम अस्पताल पहुंचायें। 

प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. विजय कुमार ने बताया कि प्लास्टिक सर्जरी दिवस प्रत्येक वर्ष विश्व के प्रथम प्लास्टिक सर्जन आचार्य सुश्रुत की याद में 2021 से मनाया जाता है तथा उन्होंने प्लास्टिक सर्जरी में आचार्य सुश्रुत के योगदान एवं महत्व को भी बताया। 

आचार्य सुश्रुत का जन्म भारत में लगभग 600 ईपू में हुआ था, वह काशी (बनारस) में रहकर अपनी शल्य चिकित्सा की सेवायें दिया करते थे। इस अवसर पर उनको याद करते हुऐ लखनऊ में कई संस्थानों एवं अस्पतालों में कार्यक्रम किये गये हैं तथा जनमानस को प्लास्टिक सर्जरी के महत्व इसकी सभी विधाओं व इसकी सेवाओं के बारे में बताया गया।

डॉ. भव्या नैथानी ने पोषण के बारे में जानकारी प्रदान की, डॉ.संध्या ने बर्न रोकथाम के बारे में बताया वहीं डॉ.रवि कुमार ने अस्पताल में आने से पहले ली जाने वाली सावधानियों के बारे मरीजों के परिजनों को जानकारी दी। डॉ. अंशू सिंह ने बर्न आईसीयू की सावधानीयों से सम्बन्धित जानकारी दी। डॉ. ब्रजेश मिश्रा ने जले हुये मरीजो की रिकवरी एवं पुर्नवास से सम्बन्धित जानकारी प्रदान की। डॉ. हर्षवर्धन ने बच्चों में जलने के बाद ली जाने वाली सावधानियों के बारे में अवगत कराया। 

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