बरेली: कोरोना काल में काम नहीं सिर्फ ‘नाम’ की रह गईं योजनाएं
बरेली,अमृत विचार। वित्तीय सत्र शुरू हुए छह माह गुजर गए। लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से शादी अनुदान, विधायक-सासंद निधि समेत कई योजनाओं में विभागों को फूटी कौड़ी तक नहीं मिल रही है। वहीं, लाभार्थी समेत विकासपरक योजनाओं में धनआवंटन के लिए विभाग सरकार की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। सामूहिक विवाह पर कोरोना का …
बरेली,अमृत विचार। वित्तीय सत्र शुरू हुए छह माह गुजर गए। लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से शादी अनुदान, विधायक-सासंद निधि समेत कई योजनाओं में विभागों को फूटी कौड़ी तक नहीं मिल रही है। वहीं, लाभार्थी समेत विकासपरक योजनाओं में धनआवंटन के लिए विभाग सरकार की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।
सामूहिक विवाह पर कोरोना का ग्रहण है तो प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आवास के तमाम लाभार्थियों को दूसरी और तीसरी किस्त का इंतजार है। पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग से मिलने वाला शादी अनुदान भी लाभार्भियों को इस साल नसीब नहीं हो पाया है। यही हाल विकास से संबंधित योजनाओं का है। अफसर सितंबर अंत तक बजट आवंटित होने की उम्मीद जता रहे हैं। वहीं, अब कोरोना से बेपटरी हुई व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग
40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग को शादी प्रोत्साहन योजना के तहत 35 हजार रुपये अनुदान मिलता है। मौजूद सत्र में कोरोना संक्रमण की वजह से एक जोड़े को भी योजना का लाभ नहीं मिल सका है। यही हाल दुकान निर्माण संचालन योजना का है। इसमें भी किसी दिव्यांगजन को इस साल लोन या अनुदान का लाभ नहीं मिल सका है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
योजना के तहत 500 से अधिक समूहों को लोन प्रदान करने की मंजूरी लाकडाउन से पूर्व मिल चुकी है। इसमें समूह को एक लाख तक का ऋण दिया जाना है। बताया गया है बैंक शाखाओं में फाइलें लंबित हैं। महिलाएं अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पा रही हैं। इससे स्वयं समूह की सदस्यों को आर्थिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से गरीब कन्याओं को 20 हजार रुपये शादी अनुदान दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में यह प्रक्रिया शून्य है। विभाग आवेदन भी नहीं ले रहा। इस कारण गरीब कन्याओं के अभिभावकों को बेटी की शादी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें सेठ साहूकारों से कर्ज लेना पड़ रहा है।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
कोरोना काल में शासन ने विधायक निधि निलंबित कर दी है। सांसद निधि पर भी रोक है। क्षेत्रवासी माननीयों के पास सड़क, नाली निर्माण आदि विकास कार्यों से जुड़े काम लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन निधि में पास नहीं होने की वजह से क्षेत्र में विकास से संबंधित कार्यों को गति नहीं मिल पा रही है। पूर्व में प्रस्तावित कार्य ही कराए जा रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित सामूहिक विवाह योजना पर ब्रेक लग गया है। पिछले साल पांच सौ से अधिक जोड़ों की शादी करा चुका विभाग इस साल बजट के आभाव में आवेदन भी नहीं करा पा रहा है। योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर 51 हजार रुपये सरकार खर्च करती है। इस कार्यक्रम से गरीबों को काफी मदद मिल रही थी।
ग्राम्य विकास विभाग
ग्राम्य विकास विभाग की ओर से संचलित प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना में मौजूदा वित्तीय वर्ष का लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। पिछले वर्ष के करीब एक दर्जन लाभार्थियों की तीसरी किस्त नहीं मिल पाई है। अफसरों का कहना है कि कोरोना काल की वजह से बजट नहीं मिल सका है। सितंबर अंत तक बजट आने की उम्मीद है।
