हल्द्वानी: 6 साल बाद भी अटका है कुमाऊं का पहला ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और ट्रेनिंग स्कूल 

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Edited By Amrit Vichar
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अप्रैल अंत तक भेजनी थी शासन को डीपीआर   

2017 में गौलापार में की गई थी 20 एकड़ जगह चिन्हित, नहीं हो सका काम  ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल के लिए जगह का नहीं हो पाया अभी तक चयन परिसर में प्रस्तावित है ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, वर्तमान भवन को ध्वस्त कर बनाया जाना है बहुमंजिला भवन

हल्द्वानी, अमृत विचार। 6 साल पहले हल्द्वानी में कुमाऊं के पहले ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और विभागीय मोटर ट्रेनिंग स्कूल खोलने की कवायद हुई थी। लेकिन आज तक यह योजना साकार रूप नहीं ले सकी है। बीते दिनों परिवहन सचिव अरिवंद सिंह ह्यांकी ने परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी और आरटीओ कार्यालय का दौरा भी किया था।

इस पर लोगों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही योजना पर काम शुरू हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पूर्व में अप्रैल अंत तक योजना की डीपीआर बनाकर शासन को भेजने की बात विभाग के अधिकारियों ने कही थी। लेकिन दो माह से अधिक बीतने के बाद भी योजना में कोई प्रगति नहीं है।

वर्तमान में आरटीओ कार्यालय परिसर की पार्किंग वाली जगह पर ही ड्राइविंग टेस्ट लिया जाता है। कम जगह होने के कारण इसमें लाइसेंस बनवाने वालों के साथ ही टेस्ट लेने वाले आरआई को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनने के बाद इन दिक्कतों से निजात मिलेगी।

2017 में ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और ट्रेनिंग स्कूल बनाने के लिए गौलापार में 20 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई थी। इसमें ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के साथ ही ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल भी बनना था लेकिन समय बीतने के साथ ही इसमें रूकावटें आती रही और काम शुरू नहीं हो पाया। फिर आरटीओ परिसर में ही टेस्टिंग ट्रैक और ट्रेनिंग स्कूल बनाने पर चर्चा हुई लेकिन परिसर में पर्याप्त जगह न होने के कारण ट्रेनिंग स्कूल के लिए दूसरी जगह जमीन तलाशी जाने की बात कही गई।


देहरादून की तर्ज पर बनाया जाएगा सेंसर युक्त ट्रैक

आरटीओ कार्यालय के आधुनिकीकरण में आधुनिक तकनीक से लैस ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाया जाएगा। इसमें देहरादून की तर्ज पर सेंसर युक्त ट्रैक बनाया जाएगा। इसमें टेस्ट के लिए 7 प्रमुख बिंदु निर्धारित किए गए हैं। इन बिंदुओं पर गलती करने पर टेस्ट देने वाला व्यक्ति ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो जाएगा। यह ट्रैक एलगोरिद्म पर बेस्ड होगा जिसमें कुल 17 बिंदु हैं।


हल्दूचौड़ में चिन्हित की गई है ड्राइविंग स्कूल के लिए जगह चिन्हित

आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि वर्तमान में ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल के लिए हल्दूचौड़ में जमीन देखी है। बीते दिनों परिवहन सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी ने भी हल्दूचौड़ पर चिन्हित जगह देखी थी। लेकिन अभी तक उपयुक्त जगह का चयन नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक वर्तमान में परिसर में ही पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल हो रहे स्थान पर बनाया जाएगा। वर्तमान भवन को ध्वस्त कर बहुमंजिला बनाया जाएगा जिसमें विभाग से संबंधित सभी कार्यालय अपने नए स्वरूप में होंगे। विभाग के अधिकांश कार्य ऑनलाइन किए जाएंगे। प्रवर्तन से संबंधित कार्यों के लिए  अलग से ऑफिस होगा। 

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