बड़ी कामयाबी
कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सेना और पुलिस के बीच बने तालमेल ने अलगाववादियों और आतंकवादियों की कमर तोड़कर रख दी हैं। फिर भी सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश जारी हैं।
मंगलवार को पुंछ जिले में सुरक्षा बलों ने भीषण मुठभेड़ में भारी हथियारों से लैस चार विदेशी आतंकवादियों को मार दिया। यदि समय पर इन्हें ढेर नहीं किया गया होता तो ये आतंकवादी आने वाले दिनों में बड़ी घटनाओं को अंजाम दे सकते थे। राज्य के अंदरूनी इलाकों में हथियारों से लैस ऐसे आतंकवादियों की मौजूदगी क्षेत्र को अस्थिर करने के प्रयासों का संकेत है।
क्षेत्र में विदेशी आतंकवादियों की मौजूदगी से साफ है कि पाकिस्तान देश में अशांति पैदा करने की हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। मारे गए आतंकवादियों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ, जिसमें चार चीन निर्मित एके असॉल्ट राइफलें और दो पिस्तौले शामिल हैं जिन पर पाकिस्तानी चिन्ह हैं।
गौरतलब है कि सुरक्षा बलों ने 16 और 17 जुलाई की रात में पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में नियंत्रण रेखा से घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया था। सेना के मुताबिक सशस्त्र आतंकवादियों की उपस्थिति के संबंध में जानकारी के बाद क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया।
‘ऑपरेशन त्रिनेत्र द्वितीय’ के दौरान एक वन क्षेत्र में इन विदेशी आतंकवादियों को मार गिराया गया है। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए भारतीय सेना ऑपरेशन त्रिनेत्र चला रही है। इस ऑपरेशन में आतंकियों पर सेना संयुक्त ऑपरेशन चलाकर प्रहार कर रही है।
भारतीय सेना पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है। जहां भी आतंकियों के छिपे होने की संभावना है वहां सुरक्षा बल छापेमारी कर रहे हैं। पुंछ के मेंढर इलाके में 20 अप्रैल को सुरक्षा बलों के काफिले पर आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले के बाद सेना ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ को शुरू किया था।
ध्यान रहे1990 के बाद से पिछले साल 13 दिसंबर तक जम्मू-कश्मीर में कुल 69,387 आतंकवाद-संबंधी घटनाएं हुई हैं। हालांकि, 2002 के बाद आतंकी घटनाओं की संख्या में गिरावट देखी गई है। मुठभेड़ में आतंकवादियों को मार गिराकर साफ संदेश दे दिया है कि सुरक्षाबल सतर्क हैं और चप्पे चप्पे पर नजर बनाए हुए हैं। यह दिखाता है कि क्षेत्र को आतंकवाद मुक्त बनाने के लिए आतंकवादियों के खिलाफ अभियान नए जोश के साथ जारी रहेगा।
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