बरेली: कागजों में सिमटा अभियान... डेंगू की नहीं हो रही रोकथाम

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जिले में डेंगू भी पांव पसारने लगा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार पीड़ित मरीजों की तादाद आम दिनों की तुलना में बढ़ती जा रही है। डेंगू मलेरिया की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि सात दिन पहले एक मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई लेकिन आईडीएसपी को इसकी जानकारी एक सप्ताह के बाद हुई।

शहर के सिविल लाइंस इलाके के पुलिस लाइन में रहने वाली 28 वर्षीय युवती में डेंगू की पुष्टि हुई है। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। निजी मेडिकल कॉलेज के सूचना देने के बाद आईडीएसपी को मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद भी आईडीएसपी ने युवती से संपर्क नहीं किया। जिले में मार्च तक डेंगू के 13 सक्रिय मामले थे। अब एक और मामला सामने आया है।

आठ ब्लाक के 20 गांव और शहर के 10 वार्ड संवेदनशील
डेंगू के मामले में जिले के आठ ब्लाॅक के 20 गांव संवदेनशील श्रेणी में हैं। शहर के नौ वार्ड भी ऐसे हैं, जहां लगातार डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। अब तक जो मामले सामने आए हैं, वे इन्हीं गांव और वार्ड के हैं। ब्लाॅक में पहले पायदान पर मीरगंज और नवाबगंज है तो दूसरे पर बहेड़ी और मुड़िया नवी बक्श गांव है।

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