हल्द्वानी: माही का आखिरी हथियार रामऔतार पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार

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Edited By Amrit Vichar
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मोबाइल ऑन करते ही पुलिस को मिली दोनों की लोकेशन

हल्द्वानी, अमृत विचार। अंकित हत्याकांड का आखिरी दो हत्यारोपी ऊषा और रामऔतार को पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार कर लिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बुधवार तक पुलिस दोनों को लेकर शहर पहुंचेगी। जिसके बाद कत्ल के कई और गहरे राज से पर्दा उठेगा। नौकरानी ऊषा और उसका पति रामऔतार अंकित की हत्या में माही के अहम मोहरे थे। 
   

14 जुलाई की रात हुई शहर के युवा कारोबारी अंकित चौहान की हत्या में सबसे पहले 18 जुलाई को सपेरे रमेश नाथ को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद 23 जुलाई को हत्याकांड की मास्टर माइंड माही उर्फ डॉली को उसके प्रेमी दीप कांडपाल के साथ रुद्रपुर से गिरफ्तार किया गया।

जबकि बरेली से ट्रेन से भागी माही का नौकरानी ऊषा और उसके पति रामऔतार को भी 24 जुलाई को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पश्चिम बंगाल में ऊषा देवी का मायका है। बरेली से नौकरानी ऊषा और उसका पति रामऔतार अपने दो बच्चों के साथ पश्चिम बंगाल भाग गए थे। रास्ते में उन्होंने एक बार मोबाइल ऑन किया और मोबाइल ऑन करते ही पुलिस को पता लग गया कि दोनों कहा जा रहे हैं। 

 जांच में जुटी पुलिस ने बरेली में रेलवे स्टेशन और आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि भी कर ली। जिसके बाद एक टीम को दोनों के पीछे रवाना कर दिया गया। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में पहुंचने के बाद इन्होंने फिर मोबाइल ऑन किया और इस बार दोनों की लोकेशन मिल गई। इधर, पीछा करते नैनीताल पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल पहुंच गई। यहां नैनीताल पुलिस की टीम ने लोकल पुलिस से संपर्क साधा और दोनों के बारे में जानकारी साझा की। जिसके बाद पश्चिम बंगाल की टीम ने दोनों को धर दबोचा। 
   

पुलिस ने बताया कि 25 जुलाई को दोनों को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिंट रिमांड पर लिया जाएगा। जिसके बाद टीम दोनों को लेकर 26 जुलाई बुधवार तक हल्द्वानी पहुंच जाएगी।  


माही के काले कारनामों की सबसे बड़ी राजदार है ऊषा
हल्द्वानी : माही के घर में ऊषा सिर्फ नाम की नौकरानी थी। हकीकत में माही के घर में ऊषा का कद एक मालकिन जैसा था। ऊषा के बच्चे दिनभर माही के घर में रहते और माही के साथ ही खेलते थे। माही को भी ऊषा के बच्चों से लगाव था और ऊषा के पति रामऔतार से भी। कई बार तो माही खाना खाने के लिए ऊषा की झोपड़ी में जाती थी। कई मर्तबा ऐसा भी होता था कि माही की रात उसी झोपड़े में गुजर जाए।

ये पार्टी भी साथ मनाते थे और बताया जा रहा है कि माही की सबसे बड़ी राजदार ऊषा ही माही की कहानी की इकलौती ऐसी किरदार है, जिसके पास माही के हर एक पल का हिसाब-किताब है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जब पुलिस उसे हल्द्वानी लाती है तो वो कौन-कौन से राज से पर्दा उठाती है।  


माही के इशारों पर नाचने वाली कठपुतली बन चुका था दीप
हल्द्वानी : दीप कांडपाल को माही का प्रेमी बताया जा रहा है और बताया जा रहा है कि उसके अंकित से पहले भी माही के साथ अवैध संबंध थे। ये बात हकीकत के करीब है, लेकिन पूरी तरह सच नहीं है। दरअसल, जब माही और दीप की मुलाकात हुई तो उस वक्त माही की माली हालत बहुत खराब थी।

तब दीप ने मजबूर माही का मददगार बनकर उसका फायदा उठाया, लेकिन जैसे-जैसे माही की माली हालत संवरती गई, दीप का कद उसकी जिंदगी में घटता गया। कभी दीप के इशारों पर चलने वाली माही के तेवर जल्द ही बदल गई और दीप उसके इशारों पर चलने लगा। वो कहती बैठ तो वो बैठ जाता, वो कहती उठा तो उठ जाता। गुजरते दिनों के साथ दीप को भी इसकी आदत पड़ गई। क्योंकि जिस्मानी ताल्लुकात के लालच ने उसे कदम पीछे नहीं हटाने दिया। 

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