Enemy Properties In Kanpur: शत्रु संपत्ति के सौदागरों पर कसेगा शिंकजा, प्रशासन जमीन बेचने वालों की बना रहा सूची
कानपुर में शत्रु संपत्ति के सौदागरों पर कसेगा शिंकजा।
कानपुर में शत्रु संपत्ति के सौदागरों पर कसेगा शिंकजा। प्रशासन जमीन बेचने वालों की सूची बना रहा है। धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी है।
कानपुर, अमृत विचार। शहर में शत्रु संपत्ति खरीदने वाले प्रापर्टी मालिक से अवैध कब्जेदार बन गए हैं। अब प्रशासन शत्रु संपत्ति के सौदागरों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा हैं। शत्रु संपत्ति की खरीद-फरोख्त कर ऐसे लोग करोड़ों रुपये कमाकर निकल गए हैं। संपत्ति खरीदने वाले फंस गए हैं। इसे देखते हुए फर्जीवाड़ा करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। अगले माह इस मामले में मुकदमे दर्ज कराए जा सकते हैं।
शहर में अभी तक 15 शत्रु संपत्तियों की रजिस्ट्री शून्य कर भूमि जिलाधिकारी के नाम पर दर्ज की जा चुकी है। 27 और प्रापर्टी चिह्नित की गई हैं। इन पर भी गाज गिरना तय है। इन संपत्तियों को अलग-अलग लोगों ने खरीदकर बेचा है। सबसे ज्यादा संपत्ति मुख्तार बाबा उर्फ बाबा बिरयानी ने बेची है। जाजमऊ की पायनियर टेनरी की पांच हजार गज जमीन पाक नागरिक नजर मोहम्मद के बेटे ने बेची है।
इसके अलावा स्वरूपनगर की जमीन सैय्यद यासिर ने हिबा के जरिए बेची हैं। अब प्रशासन और लोगों के बारे में जानकारी हासिल कर रहा है, जिन्होंने शत्रु संपत्ति बेची है। इनकी सूची बनाकर कुंडली खंगाली जा रही हैं। पता लगाया जा रहा है कि इन लोगों ने शत्रु संपत्ति से कमाया धन कहां खपाया है। इसके साथ ही ये लोग अब क्या काम कर रहे हैं?
खरीददार कर रहे हैं शिकायत
शत्रु संपत्ति खरीदकर उस पर नर्सिंग होम, अपार्टमेंट और मकान बनवाने वाले अब अवैध कब्जेदार हो गए हैं। केंद्रीय गृहराज्य मंत्री ने इन संपत्तियों को नीलाम किए जाने का बयान दिया है। इससे हड़कंप मचा है। अब शत्रु संपत्ति के खरीदार उन् जमीन या फ्लैट बेचने वालों की शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। पहले जिलाधिकारी से शिकायत की जाएगी, कार्रवाई नहीं होने पर ऐसे लोग हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर सकते हैं। इनका कहना है कि सैकड़ों लोग बेघर हो जाएंगे। इसके दोषी शत्रु संपत्ति बेचने वाले हैं, ना कि खरीदने वाले।
भरोसे में लेकर दिया गया धोखा
इस बीच प्रशासन को जांच में पता चला है कि ज्यादातर लोगों को शत्रु संपत्ति के बारे में मालूम नहीं था। इन लोगों को भरोसे में लेकर धोखा दिया गया है। प्रशासन की जांच में यह भी सामने आया है कि जमीन बेचने वाले करोड़पति हो गए हैं। बताया जा रहा है कि शिकायत मिलते ही रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अगर शिकायतकर्ता नहीं मिलेंगे तो प्रशासन अन्य विकल्प देखेगा।
