अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ हाईवे पर रोडवेज बस का स्टेयरिंग फेल, चालक की सूझबूझ से बची यात्रियों की जान
अल्मोड़ा, अमृत विचार। शुक्रवार सुबह पिथौरागढ़ डिपो की बस दिल्ली से लौट रही थी। बस में चालक-परिचालक सहित 20 यात्री सवार थे। अल्मोड़ा से रवाना होने के एक घंटे बाद आरतोला और पनुवानौला के बीच हाईवे पर अचानक बस का स्टेयरिंग फेल हो गया और वह अनियंत्रित होने लगी। ऐसे में यात्रियों की सांसें अटक गई और वह चीखने-चिल्लाने लगे।
चालक ने किसी तरह से अनियंत्रित बस को सड़क के नीचे की ओर लगे डिवाइडर से टकराकर रोका। बस रुकते ही सभी डरे सहमे यात्री बस से उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस डिवाइडर से नहीं रुकती तो बड़ा हादसा हो सकता था। बताया कि घटनास्थल के पास 300 मीटर गहरी खाई है। इसके बाद बस के यात्री दूसरी बस का इंतजार करते रहे। करीब एक घंटे बाद पिथौरागढ़ डिपो की बस मौके पर पहुंची और यात्रियों को आगे के लिए रवाना किया गया। दो घंटे बाद अल्मोड़ा डिपो से मैकेनिक भेजकर खराबी दूर करने के बाद बस को पिथौरागढ़ भेजा गया।
आपको बता दें कि अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ हाईवे पर पनुवानौला और आरतोला के बीच सड़क बदहाल है। इस दायरे में सड़क गड्ढों से पटी है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। हाईवे के ठीक ऊपर कोटली गांव को जोड़ने के लिए सड़क काटी गई है। बारिश में इस सड़क का मलबा हाईवे में पहुंचने से कलमठ और नाली बंद हो गई हैं, इससे सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
अल्मोड़ा जिले में संचालित 30 में से 22 बस इस साल के अंत में अपनी उम्र पार कर लेंगी और पर्वतीय सड़कों पर चलन से बाहर हो जाएंगीं। अन्य जिलों के भी यही हाल हैं। ऐसे में पुरानी हो चुकीं बस आए दिन यात्रियों को धोखा दे रही हैं। नियमों के मुताबिक खरीद के सात साल या सात लाख किमी दौड़ने वाली बस को पर्वतीय सड़कों पर संचालित नहीं किया जा सकता है।अल्मोड़ा डिपो के एआरएम राजेंद्र कुमार का कहना है कि स्टेयरिंग फेल होने से बस डिवाइडर से टकराई मौके पर मैकेनिक को भेजकर बस ठीक की गई है।
