काशीपुर: पहलवान हत्याकांड के तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा
काशीपुर, अमृत विचार। खलील पहलवान की हत्या करने के तीनों आरोपियों को प्रथम एडीजे की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। एक अन्य आरोपी शहजाद आलम को 25 आयुध अधिनियम में 3 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया है।
14 जुलाई, 2018 की शाम सुल्तानपुर पट्टी स्थित स्वास्थ्य केंद्र के पीछे स्थित चोखेलाल के आम के बाग में बैठे पूर्व प्रधान खलील पहलवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पुत्र मेहरबान अली ने हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने इस केस में पट्टी के आदर्शनगर निवासी शहजाद आलम उसके भाई जावेद आलम व मेहंदी उर्फ टिक्लू को काशीपुर के चैती मंदिर के पास से गिरफ्तार किया था।
शहजाद के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल व चार खाली कारतूस भी बरामद हुए थे। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट पेश की। अभियोजन के समर्थन में केस के वादी मेहरबान अली, एसआई दिनेश फर्त्याल, एसआई नासिर हुसैन के अलावा अन्य कई गवाह परीक्षित कराए।
अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी रतन सिंह कंबोज ने की। संबंधित पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन कर प्रथम एडीजे विनोद कुमार ने तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि में से 50 हजार रुपये मृतक की पत्नी को दिए जाएंगे। जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। कोर्ट ने एक आरोपी शहजाद आलम को आर्म्स एक्ट में भी तीन वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई है।
