Kanpur: आलू से पाउडर, आम के साथ गुठलियों के मिलेंगे दाम, IIT में जामुन की गुठलियों से बनाना सिखाया जा रहा चूर्ण
कानपुर आईआईटी में आलू से पाउडर और जामुन की गुठलियों से बनाना सिखाया जा रहा चूर्ण।
कानपुर आईआईटी में आलू से पाउडर और जामुन की गुठलियों से चूर्ण बनाना सिखाया जा रहा। बेल और आम के गूदे को मिलाकर बनाई कैंडी, हैदराबाद का संस्थान सहयोग कर रहा।
कानपुर, अमृत विचार। आम के आम और गुठलियों के दाम। इस मुहावरे के आधार पर आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ किसानों और उनके परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करने की तैयारी मे हैं। उन्हें संस्थान के रणजीत सिंह रोजी शिक्षा केंद्र में फलों और सब्जियों के बेकार बचे हिस्से से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करना सिखाया जा रहा है।
यहां उन्हें आलू का पाउडर, बेल व आम के गूदे को मिलाकर कैंडी बनाना और जामुन की गुठली से चूर्ण तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनका इस्तेमाल खाद्य उद्योग और कई तरह की दवाओं के निर्माण में होता है। कई फलों और सब्जियों को खास तरह के डिहाईड्रेटर (पानी सोखने वाला उपकरण) में सुखाकर पैकेजिंग की जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान के पुरातन छात्र की हैदराबाद स्थित कंपनी के सहयोग से हो रहा है।
आईआईटी कानपुर में रणजीत सिंह रोजी शिक्षा केंद्र है। यहां ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए कई तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। संस्थान की फैकल्टी, शोधार्थी और अन्य विशेषज्ञ रोजगारपरक कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं। प्रतापपुर हरि, दललापुरवा, ईश्वरीगंज, सिंहपुर, बैकुंठपुर समेत कटरी के कई गांवों के कई लोग प्रशिक्षण ले चुके हैं। अब उनके खेतों में उगने वाले फल और सब्जियों से अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करना सिखाया जा रहा है।
पानी में डालते ही हरी हो जाएंगी सब्जियां
केंद्र की प्रभारी डॉ.रीता सिंह के मुताबिक सब्जियों और फलों को इस तरीके से सुखाकर एयरटाइट पैकिंग की जा रही है, जिससे उनको बस पानी में डालते ही फिर से हरी भरी हो जाएगी। इनकी गुणवत्ता पर शोध किया जा चुका है, जिसके परिणाम बेहतर आए हैं। इसमें भिंडी, गोभी, करेला, गाजर, चुकंदर आदि शामिल हैं। कई तरह के साग को भी शामिल किया गया है। कच्ची अदरक और अमिया पर भी काम चल रहा है। सब्जियों और फलों को बेमौसम में बेचने पर अच्छे दाम मिल सकेंगे। इनकी होटलों और कैंटीन में काफी मांग रहती है।
औषधीय गुणों वाले खाद्य पदार्थ बनाए जा रहे
केंद्र में फलों और सब्जियों को मिलाकर औषधीय गुणों वाले पदार्थ बनाए जा रहे हैं, जिनकी आसानी से पैकेजिंग और उन्हें बाहर भेजा जा सके। इन उत्पादों को ऑनलाइन बाजार में बेचने की तैयारी है, जिसका फायदा सीधे किसानों को मिल सके। कानपुर के बिठूर और कटरी क्षेत्र में अमरूद के कई बाग हैं। इनसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं। यह उत्पाद खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए रहेंगे।
हैदराबाद की कंपनी ने दिया डिहाईड्रेटर
मैटेरियल एंड मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग के प्रो. संदीप संगल ने बताया कि हैदराबाद की कंपनी की ओर से डिहाईड्रेटर मिला है। यह सौर ऊर्जा से चलता है, जबकि इसी तकनीक पर संस्थान में दूसरा डिहाईड्रेटर तैयार किया गया है। दोनों अलग अलग मॉडल के हैं। दोनों की कार्य कुशलता देखी जा रही है। यह किसान समूहों के लिए बेहतर साबित होगा।
