रायबरेली: रजबहा कटने से सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न, धान की फसल डूबने से चिंता में किसान
रायबरेली, अमृत विचार। शिवगढ़ राजबहा के कटने से सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। 8 घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद भी रजबहा की कटी हुई पटरी को नहीं बांधा जा सका। फसल डबने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीर है। अभी तक किसानों का दर्द सुनने को कोई नहीं पहुंचा है।
गौरतलब हो कि शुक्रवार की रात 2 से 3 बजे के दरमियान थाना क्षेत्र के कुर्मी पलिया के पास शिवगढ़ रजबहा की पटरी कटने से कुर्मी पलिया, पासिन पलिया,पिण्डौली,सेहगों,तमनपुर के किसानों की सैकड़ों बीघे धान की फसल जलमग्न हो गई। जिससे किसान चिंता में डूब गए हैं।
शनिवार की भोर जब खेतों की ओर शौच को गए किसानों ने देखा तो सैकड़ों बीघे धान की फसल के साथ ही सड़क एवं गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय जलमग्न हो गया था। जिसकी जानकारी होते ही किसानों में अफरा-तफरी मच गई। जिसकी जानकारी ग्राम प्रधान एवं किसानों द्वारा सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों को दी गई।
जिसकी जानकारी होते ही सिंचाई विभाग ने रुग्लेटर से पानी बन्द करा दिया। और श्रमिकों को बुलाकर रजबहा कटी हुई पटरी बंधानी शुरू कर दी। पानी का बहाव इतना तेज था कि श्रमिक जैसे ही बालू से भरी बोरियां लगाते बालू सहित बोरियां पानी के साथ बह जा रही थी। करीब 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी खबर लिखे जाने तक रजबहा की कटी हुई पटरी को नहीं बांधा जा सका हालांकि शाम तक पटरी को बांधे जाने का सिलसिला जारी रहा।
जेई रमाकान्त ने बताया कि अधिक जलभराव होने के चलते जेसीबी मशीन मौके पर जेसीबी मशीन नहीं जा सकती लेबरों से कटी हुई पटरी बंधवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर नहर कटी है उसके आस-पास हर तीसरे चौथे साल किसानों द्वारा चोरी से नहर कटिंग कर दी जाती है। जिसका खामियाजा दूसरे किसानों को भुगतना पड़ जाता है।
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