बरेली: सोने का स्टॉक वैध या अवैध, अब यह भी जांच करेगी जीएसटी
अब तक पंजीकृत सराफा कारोबारियों के लेनदेन संबंधी रिकॉर्ड की जांच का ही था अधिकार, जीएसटी काउंसिल ने बदले नियम
बरेली, अमृत विचार। अब तक वस्तु एवं सेवा कर विभाग यानी जीएसटी के अफसरों को सराफा कारोबारियों के लेनदेन संबंधी रिकॉर्ड की ही जांच का अधिकार था लेकिन नए नियमों के तहत अब वे यह भी जांच कर सकेंगे कि उनकी दुकानों और शोरूम पर मौजूद सोने का स्टॉक वैध है या अवैध। अफसरों के मुताबिक जीएसटी काउंसिल के निर्णय के बाद यह व्यवस्था इसी महीने लागू कर दी जाएगी। इसके तहत प्रदेश में दो लाख से ज्यादा कीमत का सोना एक से दूसरी दुकान पर बिना ई- वे बिल के नहीं ले जाया जा सकेगा, वर्ना उसे जब्त कर लिया जाएगा।
डिप्टी कमिश्नर ब्रजेश के मुताबिक विभागीय टीमें अब तक सिर्फ पंजीकृत फर्म के लेनदेन के रिकार्ड की ही जांच करती थीं। इससे व्यापारी अवैध सोना भी खपा रहे थे। सोने-चांदी और दूसरे रत्नों की जांच अब तक डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू (डीआरआई) ही करती थी। अवैध सोने पर कार्रवाई होती थी, लेकिन उसे अवैध साबित करने के लिए डीआरआई को फर्म के खिलाफ प्रपत्र इकट्ठे करने पड़ते थे। इस लंबी प्रक्रिया की वजह से अवैध सोने की खपत पर रोक नहीं लग पा रही थी। अब इस पर रोक लगने की उम्मीद है।
उधर, सराफा कारोबार करने वाले कुछ दुकानदारों का कहना है कि अवैध सोना खपाने वाले कोलकाता से ट्रेन या दूसरे मार्गों से प्रदेश में आते थे। डीआरआई के अलावा दूसरे विभाग भी अगर रास्ते में अवैध सोना पकड़ लेते थे तो व्यापारी को भी पता होता था कि कच्ची पर्ची या फर्जी पंजीकरण वाली रसीद दिखाकर आसानी से बच सकते हैं। शासन के पास इस तरह की शिकायतें बार-बार पहुंच रही थीं। इसी के बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर जीएसटी काउंसिल ने ई-वे बिल लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
अवैध सोना जब्त करने का भी अधिकार
जीएसटी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नियमानुसार सोने का कोई अवैध व्यापारी अगर बिना लिखा-पढ़ी के सोना बाहर से मंगाकर किसी दुकानदार को देता है तो दो लाख रुपये यानी करीब 30 ग्राम अवैध सोना खपाने के लिए दुकानदार को ई-वे बिल का रिकॉर्ड रखना होगा। यदि जीएसटी की टीम दुकान में बिना ई-वे बिल के रखे सोने या जेवरों को पकड़ती है तो उसे अवैध मानकर जब्त करने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोने के बाजार की साख हुई खराब
जिले में ब्रांडेड शोरूम छोड़कर बाकी दुकानों पर सोने के आभूषणों की साख बाहर से अवैध सोना मंगाने वाले व्यापारियों के कारण खराब हो चुकी है। नाम न छापने की गुजारिश करते हुए एक सराफा व्यापारी ने बताया कि आलमगीरीगंज के सराफा बाजार में आने वाले बाहर के व्यापारी सोने की खरीदारी के समय असली-नकली जरूर पूछते हैं। इस दौरान उन्हें विश्वास दिलाने के लिए काफी प्रयास करना पड़ता है कि सोना पूरी तरह खरा है। उसमें कोई मिलावट नहीं है।
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