Etawah News: सफारी पार्क में मालूम कुली की मौत, 2017 में लखनऊ से लाया गया था
इटावा के सफारी पार्क में मालूम कुली की मौत।
इटावा के सफारी पार्क में मालूम कुली की मौत। वह 2017 में लखनऊ से इटावा लाया गया था।
इटावा, अमृत विचार। इटावा सफारी पार्क के भालू सफारी में मादा भालू कुनी की 11/12 अगस्त की रात में मृत्यु हो गई है। उसके शव पोस्टमार्टम हेतु पं दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान, मथुरा भेजा जा रहा है।
मादा भालू कुनी 31 जुलाई 2007 को उड़ीसा के जंगलों से लगभग 9 माह की आयु में रेस्क्यू कर नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क, भुवनेश्वर, उड़ीसा लायी गयी थी। जहां से 6 मार्च 2017 को नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान, लखनऊ लायी गयी तथा वहां से 3 अप्रैल 2017 को इटावा सफारी पार्क में लायी गयी थी। तब से इस भालू की देखरेख इटावा सफारी पार्क प्रबन्धन द्वारा की जा रही थी। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता शव विच्छेदन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इटावा सफारी में बनाई गई भालू सफारी में बालू की संख्या पहले से ही कम थी अब एक और भालू की मृत्यु हो गई है एक भालू शंकर कि 4 वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है इसके चलते अब सफारी में सिर्फ दो भालू रह गए है इटावा सफारी में बनाई गई भालू सफारी को जब 25 नवंबर 2019 को पर्यटकों के लिए खोला गया था तब यहां चार भालू थे जिनमें से एक भालू शंकर की मृत्यु हो जाने के बाद तीन भालू रह गई थी।
लेकिन अब मादा भालू कुनी की मौत के बाद सिर्फ दो भालू हैं भालू सफारी का क्षेत्रफल काफी बड़ा होने और भालू की संख्या कम होने के कारण पर्यटकों को भालू के दीदार में काफी कठिनाई होती है अब पर्यटकों को सिर्फ दो भालू के दीदार होंगे।
अभी जुलाई के महीने में सफारी में शेरनी सोनाने 5 शावकों को जन्म दिया था जिनमें से चार शावक की मौत हो गई है इसके चलते सफारी में चिंता का माहौल है इसी माहौल में एक भालू ने भी दम तोड़ दिया मादा भालू के दम तोड़ने से कुनबा बढ़ने की उम्मीदें भी कम हो गई है
