क्या बारिश का पानी हो गया है एसिडिक? क्या हो सकता है इससे नुक्सान?
बारिश के पानी में घुल रहा प्रदूषण
हल्द्वानी, अमृत विचार। बचपन से हम पढ़ते आ रहे हैं कि बारिश पानी का शुद्धतम श्रोत है। लेकिन हवा में बढ़ रहे प्रदूषण के चलते ये अब शुद्ध नहीं रहा। बारिश का पानी एसिडिक होता है। हवा में पानी और कार्बन डाइऑक्साइड के बीच रिएक्शन के कारण इसका औसत pH लगभग 5.0 से 5.53 होता है। इसके अलावा पानी में फाइन पार्टिकल (PM 2.5) भी हो सकते हैं जो कि आपको गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं। जैसे डायरिया, इंफेक्शन और फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं।
आपने महसूस किया होगा कि आजकल बारिश का पानी जब आपकी आंखों में जाता है तो आपकी आंखें लाल हो जाती है। ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि जैसे वैशीला धुआं आपकी आंखों में जाता है और आपको जलन होती है वैसे ही फैक्ट्री से निकालने वाला वैशीला धुआं बारिश के पानी को भी जहारीला बना देता है।
सामान्य रूप से बारिश का पानी आपकी त्वचा और बालों के लिए भी नुकसानदायक है। आपने ध्यान दिया होगा कि गलती से आप बारिश में भीग जाओ तो ये आपकी त्वचा और बालों को रूखा कर देता है। इसके पीछे भी मुख्य कारण प्रदूषण ही है। ऐसे में आप घर आकर गोले के तेल का प्रयोग करें। गोले का तेल से आपकी त्वचा और केश का खोया हुआ मॉइस्चर वापस आ जाएगा।
