बरेली: डीआईजी की फेसबुक आईडी का क्लोन तैयार कर मांगे रुपये
बरेली, अमृत विचार। साइबर अपराधियों ने बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उनके दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी। इससे पहले कि ठग अपने मकसद में कामयाब हो पाता लोगों ने डीआईजी को जानकारी दी। इसके बाद डीआईजी ने साइबर सेल की मदद से तुरंत फेक आईडी ब्लॉक करा दी है। पुलिस …
बरेली, अमृत विचार। साइबर अपराधियों ने बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उनके दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी। इससे पहले कि ठग अपने मकसद में कामयाब हो पाता लोगों ने डीआईजी को जानकारी दी। इसके बाद डीआईजी ने साइबर सेल की मदद से तुरंत फेक आईडी ब्लॉक करा दी है। पुलिस ने फेक आईडी से नंबर ट्रेस कर लिया है। फेक आईडी अमरोहा में चल रहे मोबाइल नंबर पर बनाई गई है। यह नंबर दिल्ली से खरीदा गया है।
डीआईजी का फेसबुक एकाउंट आईपीएस राजेश पाण्डेय नाम से बना है। मंगलवार दोपहर उनके पास फेसबुक फ्रेंड में कई करीबियों के फोन आए। उन्होंने डीआईजी को बताया कि कई लोगों के मैसेज आए हैं क्या उन्होंने कोई नई आईडी बनाकर रिक्वेस्ट भेजी है। डीआईजी ने इस बात से इनकार कर दिया। वह तुरंत समझ गए कि उनकी आईडी का क्लोन तैयार करके साइबर ठग दोस्तों से पैसा मांगने की फिराक में हैं।
इसी बीच उनके दोस्तों का मैसेज आया कि कोई उनसे मदद करने की बात कहकर रुपये मांग रहा है। जो मोबाइल नंबर उन्हें दिया है। वह लोगों ने डीआईजी को दे दिया। इसके बाद साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी। पता चला की नंबर दिल्ली से खरीदा गया है और इस समय अमरोहा में चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर वाले युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं साइबर सेल ने फेक आईडी बंद करवा दी है। डीआईजी ने अपनी फेक आईडी बनने की बात फेसबुक पर भी पोस्ट कर दी है।
29 अगस्त को ही किया था डीआईजी ने पोस्ट
29 अगस्त को ही डीआईजी ने फेसबुक पर पोस्ट किया था कि इस समय सबसे अधिक साइबर अपराधी फेसबुक का क्लोन तैयार करके ठगी कर रहे हैं। इसलिए यदि उनके नाम से कोई फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता है तो वह गलत मानी जाएं। उन्हें नई आईडी बनाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
“किसी ने मेरी फेसबुक आईडी का क्लोन तैयार किया था और दोस्तों को मैसेज कर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रहा था। इसकी जानकारी होने पर फर्जी आईडी को ब्लॉक करवा दिया गया है।” -राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी
