बांदा: पूर्व सांसद बालकुमार ने किया सरेंडर, अदालत ने भेजा जेल
एमपी एमएलए कोर्ट से जारी हुआ था गैर जमानती वॉरंट
बांदा, अमृत विचार। बालू कारोबार में पार्टनर बनाने के नाम पर रुपये लेकर धोखाधड़ी करने के मामले में पूर्व सांसद की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करते हुए न्यायालय ने पुलिस कस्टडी में 7 घंटे अदालत में रखकर उसे जेल भेज दिया है। मामले की सुनवाई के लिए अब 21 अगस्त की तिथि नियत की गयी है।
विशेष लोक अभियोजक अंबिका व्यास ने बताया कि शहर कोतवाली के स्वराज कॉलोनी निवासी रमाकांत द्विवेदी ने पूर्व सांसद बालकुमार पटेल और बर्खास्त लेखपाल भानू प्रताप चतुर्वेदी के खिलाफ लगभग 65लाख की धोखाधड़ी का मामला वर्ष 2020 में दर्ज कराया था। मौरंग खनन कार्य में शामिल किए जाने के नाम पर रकम ली थी, जो लौटाई नहीं।
इस मामले में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय की ओर से बालकुमार पटेल और भानू प्रताप को सम्मन भेजा गया।लेकिन दोनों आरोपित अदालत में हाजिर नहीं हुए।अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। साथ ही पुलिस के आलाधिकारियों को गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।पुलिस अब तक गिरफ्तार कर उसे अदालत में पेश नहीं कर पाई।
इधर, बालकुमार पटेल ने अग्रिम जमानत के लिए पहले हाईकोर्ट में अर्जी डाली। वहां से खारिज होने पर सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। एक अगस्त को सुप्रीम कोर्ट से भी अर्जी खारिज हो गई है। मामलें की सुनवाई एमपीएमएलए कोर्ट मे शुक्रवार को नियत थी। पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल अपनें अधिवक्ता के द्वारा सरेंडर प्रार्थना पत्र देकर न्यायालय मे उपस्थित हुआ और अग्रिम जमानत की अर्जी प्रस्तुत की, लेकिन निचली अदालत ने उसे खारिज कर दिया।
इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत याचिका दायर की गई। जहां विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर गुणेंद्र प्रकाश ने सुनवाई की अगली तारीख 21 अगस्त नियत कर दी और न्यायालय के आदेश से उसें पुलिस कस्टडी में 7 घंटे अदालत में रखकर जेल भेज दिया गया।
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