ऊर्जा बचत : खुद बेपरवाह तो दूसरों को कैसे करेंगे प्रेरित, पढ़िए 'अमृत विचार' की ग्राउंड रिपोर्ट  

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या, अमृत विचार। सरकार की ओर से ऊर्जा बचत के नारे का यहां जिम्मेदार खुद ही माखौल उड़ा रहे हैं। उपभोक्ताओं को हर बिल पर ऊर्जा बचत का स्लोगन देने वाला बिजली विभाग स्वयं इस पर खरा नहीं उतर रहा है। इसका खुलासा शनिवार को यहां हुआ जब ' अमृत विचार' ने कुछ सरकारी दफ्तरों का हाल - हवाल लिया। हैरतअंगेज नजारा यह देखने को मिला कि अफसर के न होने के बाद भी उनके कमरों में लाइट - पंखा धड़ल्ले से चलता मिला। यह हाल तब है जब शासन के निर्देश पर एक सितम्बर से बिजली बचत को लेकर जागरूकता अभियान भी चलने वाला है।
   
बिजली विभाग से प्रत्येक माह मिलने वाले बिल पर नीचे राष्ट्रहित में ऊर्जा बचाएं का एक स्लोगन रहता है। बिल के अतिरिक्त कटौती की सूचना वाले पत्रों में भी ऊर्जा बचत का संदेश दर्ज रहता है। इसे यहां के बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ही जारी करते हैं। शनिवार को पड़ताल में पाया गया कि मध्यांचल विघुत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में उनके ही कक्ष का पंखा और लाइट दिन में अनवरत जलती मिली जब वह अपने कक्ष में मौजूद भी नहीं थे। शुक्र इस बात का रहा कि साहब के कमरे का एसी नहीं चल रहा था वर्ना अक्सर वह भी चलता रहता है। कक्ष के बाहर तैनात अनुचर से पूछा गया तो बोला साहब आ रहे हैं इसलिए पंखा और लाइट जला दी गई है। थोड़ा कमरा ठंडा रहता है। हालांकि अन्य कक्ष में जहां कर्मी नहीं थे वहां का भी पंखा लाइट चलता मिला।

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नगर निगम अयोध्या कार्यालय का जायजा लिया गया तो वहां भी नगर आयुक्त के कक्ष का पंखा और लाइट जलता मिला। यहां तो साहब गर्मी से परेशान न हो जिम्मेदारों ने एसी भी आन कर रखा था वह भी तब जब हाकिम अपनी कुर्सी पर नहीं थे। बताया गया कि सीएम आये हैं इसलिए अयोध्या गए हैं अभी तो आ ही जायेगें, कमरा कूल हो जाए इसलिए चला दिया गया। नहीं आए तो बंद कर दिया जायेगा। केवल इन्हीं दो दफ्तरों में ही नहीं अन्य दफ्तरों में भी कमोबेश यही हाल दिखा। ऐसे में लाख टके का सवाल यह है कि जब खुद ही जिम्मेदार बेपरवाह हैं तो ऊर्जा बचाओ के नारे की सार्थकता का औचित्य नहीं रह जाता है। 

बता दें कि शुक्रवार को ही शासन की ओर से एक सितम्बर से ऊर्जा बचत के लिए अभियान का निर्देश दिया गया है। अब देखना होगा कि अभियान जमीन पर कितना कामयाब होता है। संबधित अधिकारियों से बातचीत करने का प्रयास किया गया लेकिन सम्पर्क नहीं हो सका।

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