अयोध्या : पूरी अकीदत से उठा काफिले बनी असद का कदीमी जुलूस
अयोध्या, अमृत विचार। शनिवार रात इमामबाड़ा जवाहर अली खां से कदीमी जुलूस काफिले बनी असद उठाया गया। जुलूस से पहले एक हदीस को सफी हैदर ने खिताब किया।
हदीस के बाद जुलूस की शुरुआत की गई। जिसमें शहर की सभी मुकामी अंजुमनों ने नौहा ख्वानी व सीनाज़नी की। सुल्तानपुर से आई अंजुमन जी़नतउल अजा़ ने भी अपने विशेष अंदाज में नौहा ख्वानी व ज़नी की। इस मौके पर इमामबाड़े से लेकर राठ हवेली तक बड़े-बड़े काले कपड़ों का द्वार बनाया गया था। जुलूस में अलम ताबूत दुलदुल झूला सभी तबर्रुकात शामिल किए गए थे। राठ हवेली स्थित अशफाक हुसैन जिया के निवास पर मंजर कशी भी की गई थी। जिसमें नहरे फुरत दुलदुल झूला और इमाम हुसैन के बेटे सैयदे सज्जाद की हथकड़ी भी दर्शाई गई थी।
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जुलूस के दरमियान शिया धर्म गुरु मौलान नदीम रजा जैदी ने कर्बला में हुए इमाम हुसैन के ऊपर हुए जुल्म का जिक्र किया। संचालन जमाल ने किया। प्रोग्राम के आखिर में एक हदीस को मौलाना महफूज उल ने खिताब किया। यह जुलूस 20 वर्षों से हमेशा इसी तारीख पर उठाया जाता है। इस जुलूस की शुरुआत कबीले बनी असद के नाम से अंजुमन मासूमिया के सदस्य कमर मेहंदी रिंकू ने की थी। जुलूस के इंतजामियां कमर मेहंदी रिंकू ने सभी का शुक्रिया अदा किया। जुलूस में भारी संख्या में अजादारों ने शिरकत की।
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