बरेली: टमाटर का काम पूरा, अब प्याज का जेब पर हमला

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। टमाटर ने अपना काम पूरा कर लिया है और ढाई सौ किलो तक बिकने का रिकॉर्ड बनाकर अब 70 से 80 के रेट पर आ गया है। आम आदमी की जेब हल्की करने का मोर्चा अब प्याज ने संभालना शुरू कर दिया है। हफ्ते भर में ही प्याज का थोक रेट 10 रुपये तक बढ़ गया है। सब्जी कारोबारी कुछ ही दिनों में और तेजी आने की आशंका जता रहे हैं।

प्याज की कीमत स्थिर रखने के लिए केंद्र सरकार ने उसके निर्यात पर 40 फीसदी ड्यूटी लगाई है लेकिन फिर भी प्याज का भाव बढ़ रहा है। आठ दिन पहले 18 से 20 रुपये किलो से अब प्याज थोक मंडी में 30 रुपये पहुंच गया है। फुटकर रेट 40 और उससे ऊपर है। टमाटर का भाव संभलने से राहत की उम्मीद कर रहे लोगों की बेचैनी फिर बढ़ गई है। सब्जी कारोबारियों का कहना है कि प्याज का भाव भी टमाटर की तरह बढ़ने की आशंका है।

डेलापीर फल सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष शुजाउर्रहमान के मुताबिक प्याज की सप्लाई कम हुई है। कुछ दिन पहले तक करीब 180 टन प्याज नासिक से हर दिन मंडी पहुंच रहा था जो अब घटकर सौ टन के आसपास रह गया है।

इस साल आठ गुना दाम
डेलापीर मंडी में प्याज के आढ़ती सतीश के मुताबिक पिछले साल अगस्त में प्याज का थोक रेट चार रुपये किलो था। इस बार भाव 25-30 रुपये किलो पर पहुंच गया है। यानी प्याज के दाम छह से आठ गुना तक बढ़ गए हैं। आने वाले दिनों में प्याज और रुला सकता है।

एक वजह यह भी...
नगर निगम की एलन क्लब मंडी में प्याज के थोक कारोबारी अभिषेक का कहना है कि फरवरी में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में रबी की फसल जल्दी पक गई थीं। मार्च में बेमौसम बारिश से प्याज की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। इसी कारण प्याज की सप्लाई अब कम हो रही है। स्टॉक में रखा प्याज अगले महीने निकलना शुरू होगा। सितंबर की शुरुआत में प्याज के भाव 60-70 रुपये किलो तक जा सकते हैं।

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