नीतीश की हर-घर पेयजल पहुंचाने की योजना प्रशंसनीय: मोदी
पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य में हर घर तक नल का जल पहुंचाने की चल रही योजना का ही परिणाम है कि आज 70 प्रतिशत परिवारों को स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। मोदी ने गुरुवार को ऑनलाइन माध्यम से बिहार …
पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य में हर घर तक नल का जल पहुंचाने की चल रही योजना का ही परिणाम है कि आज 70 प्रतिशत परिवारों को स्वच्छ पेयजल मिल रहा है।
मोदी ने गुरुवार को ऑनलाइन माध्यम से बिहार समेत 21 राज्यों में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का शुभारंभ करने के बाद कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य के हर घर तक पेयजल पहुंचाने के लिए बहुत प्रशंसनीय काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि चार-पांच साल पहले तक बिहार के महज दो प्रतिशत परिवारों को पीने का साफ पानी मिल पा रहा था लेकिन आज यह आंकड़ा बढ़ कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
इस दौरान करीब डेढ़ करोड़ घरों को पेयजल की आपूर्ति से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतीश के इस अभियान को अब ‘जल-जीवन-हरियाली’ मिशन से नई ताकत मिली है। मुझे बताया गया है कि कोरोना महामारी की इस विषम परिस्थिति में भी बिहार में करीब 60 लाख घरों को नल से जल मिलना सुनिश्चित किया गया है।
यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह इस बात का भी उदाहरण है कि इस संकट काल में भी जब देश में लगभग सबकुछ थम गया था तब भी हमारे गांव में किस तरह एक आत्मविश्वास के साथ काम चलता रहा।
मोदी ने कहा कि यह गांवों की ही ताकत है कि कोरोना के बावजूद अनाज, फल, सब्जियां, दूध समेत सभी आवश्यक वस्तुएं मंडियों और डेयरियों तक बिना किसी अवरोध के पहुंचती रहीं और निर्बाध तरीके से इनकी आपूर्ति लोगों को की जाती रहीं। इस दौरान अन्न उत्पादन, फल उत्पादन, दूध का उत्पादन हर तरह से बंपर पैदावार हुई है। यही नहीं डेयरी उद्योग ने भी इस मुश्किल परिस्थिति के बावजूद रिकॉर्ड खरीद की है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि से भी देश के 10 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में सीधे राशि आंतरित की गई है। इसमें करीब 75 लाख किसान बिहार के भी हैं। जब से यह योजना शुरू हुई तब से अब तक करीब 6000 करोड़ रुपये बिहार के किसानों के बैंक खाते में जमा हो चुके हैं। ऐसे ही अनेक प्रयासों के कारण गांव पर इस वैश्विक महामारी का प्रभाव हम कम से कम रखने में सफल हुए हैं। यह काम इसलिए भी प्रशंसनीय है क्योंकि बिहार कोरोना के साथ-साथ बाढ़ की विभीषिका का भी बहादुरी से सामना कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना और बाढ़ के कारण बिहार समेत आस-पास के क्षेत्रों में जो स्थिति बनी है उससे सभी भली-भांति परिचित है। राज्य और केंद्र सरकार का प्रयास है कि राहत कार्यों को तेज गति से पूरा किया जाए।
इस बात पर बहुत जोर दिया जा रहा है कि मुफ्त राशन की योजना और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान का लाभ बिहार के हर जरूरतमंद व्यक्ति के साथ ही लाकडाउन में बाहर से गांव लौटे श्रमिक परिवारों तक पहुंचे। इसलिए ही मुफ्त राशन की योजना को जून के बाद दीपावली और छठ पूजा तक बढ़ा दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के कारण शहरो से लौटे श्रमिकों में से अनेक लोग पशुपालन की ओर बढ़ रहे हैं। केंद्र और बिहार सरकार की अनेक योजनाओं से उन्हें प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे लोगों से कहना चाहूंगा कि आपने आज जो कदम उठाया है उसका भविष्य उज्जवल है।
मोदी ने कहा कि उन्हें पता चला है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मिशन डॉल्फिन को लेकर काफी उत्साहित हैं। इसलिए, उन्हें पूरा विश्वास है कि जब डॉल्फिन की संख्या बढ़ेगी तो इसका लाभ गंगा तट के लोगों के साथ ही सभी को अवश्य मिलेगा।
