अयोध्या : रामनगरी के पथरीले रास्ते ले रहे आस्था और भक्ति की परीक्षा

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या, अमृत विचार। रामनगरी का ऐतिहासिक झूलनोत्सव परवान पर है। मंदिर-मंदिर जानकी संग श्रीराम झूला झूल रहे हैं तो झूलनोत्सव के उल्लास को बढ़ाने के लिए आराध्य की श्रद्धा और सेवा में कजरी तथा गीत की स्वर लहरियां गूंज रही हैं। उल्लास का साक्षी बनने के लिए जनपद ही नहीं आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु उमड़ रहे हैं, हालांकि रामनगरी के पथरीले और कीचड़ युक्त रास्ते आस्था और भक्ति की परीक्षा लेने में जुटे हैं। ऐसे में सावन पूर्णिमा का पर्व बड़ी चुनौती होगा। 
 
ऐतिहासिक सावन झूला मेला समापन की ओर है। झूलनोत्सव में शामिल होने के लिए श्रद्धाुलओं की आमद रफ्त जारी है। रामनगरी पहुंच रहे श्रद्धालुओं को मंदिरों में दर्शन-पूजन और झूलनोत्सव उल्लास हासिल करने के लिए पथरीले व कीचड़युक्त रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। बडे-बड़े गड्ढे हादसों को दावत देते नजर आ रहे हैं।     
      
झूले मेले का समापन सावन पूर्णिमा को रक्षाबंधन पर्व के साथ सरयू में स्नान-दान और दर्शन-पूजन के साथ होगा, जिसके लिए श्रद्धालु रामनगरी पहुंचने लगे हैं। रामपथ पर श्रृंगारघाट, हनुमानगढ़ी, दंत धावन कुंड चौराहा, श्री राम अस्पताल सहित अन्य का स्थान पर खुदाई और कीचड़ होने के कारण पैदल चलना भी श्रद्धालुओं के लिए कठिन हो गया है। 

अव्यवस्थाओं पर बोले श्रद्धालु 
आज अपने परिवार के साथ झूलनोत्सव देखने आए हैं।  सुबह सरयू में स्नान के बाद दर्शन-पूजन किया और शाम होते ही मठ-मंदिरों में झूलनोत्सव देखा। मंदिर में पहुंचने के लिए जगह-जगह खोदे गए गड्ढों और खराब रास्तों के कारण मंदिरों तक पहुंचने के लिए दुश्वारियों का सामना करना पड़ा है। प्रशासन को मेले का ध्यान रखते हुए सारी अव्यवस्थाओं को ठीक करा देना चाहिए था।
सुरेंद्र प्रताप, श्रद्धालु, बस्ती 


हम लोग मंदिरों के दर्शन करने के लिए आए हैं। मंदिरों तक जाने वाले रास्ते इतने खराब हैं कि पैरों में गिट्टियां चुभ जा रही हैं। दर्शन के लिए नंगे पांव जा रहे हैं, सड़क पर न तो बालू डाली गई है और नहीं कोई समुचित व्यवस्था की गई है।  कई स्थानों पर गड्ढे भी खोदे गए हैं। देखकर ना चले तो लोग गड्ढे में ही गिर जाएं इस तरह की व्यवस्था सही नहीं है। जब प्रशासन को मालूम है कि मेला चल रहा है तो प्रशासन को अव्यवस्थाओं को दूर करने की व्यवस्था पहले ही करनी चाहिए थी।  
मोतीसरा देवी, श्रद्धालु ,पनिया बाजार, महाराजगंज

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