पीलीभीत: बुजुर्ग को टक्कर मारी, फिर एंबुलेंस में डालकर ले भागा..और चली गई जान
पीलीभीत/ बिलसंडा, अमृत विचार। टहलने के बाद वापस घर जा रहे एक सेवानिवृत्त शिक्षक को शव लेकर आ रही एंबुलेंस ने टक्कर मार दी। इसके बाद चालक ने बुजुर्ग को उसी एंबुलेंस में डाल लिया और भाग गया।
इसकी जानकारी मिलने पर परिवार के लोग जमा हो गए। घेराबंदी शुरू करा दी गई।जिसके बाद एंबुलेंस को शाहजहांपुर के बंडा की पुलिस ने पकड़ लिया। जिसमें सेवानिवृत्त शिक्षक मृत हालत में मिले। परिवार वाले भी बंडा पहुंच गए। वहीं की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इधर, परिजन से मिली तहरीर पर बिलसंडा पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई में जुट गई है।
बता दें कि मूल रूप से बिलसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरगहना के रहने वाले 65 वर्षीय दर्शन सिंह सेवानिवृत्त शिक्षक थे। वह कुछ सालों से नगर की मदन मोहन कॉलोनी में रह रहे थे। मंगलवार सुबह वह रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर गए थे।
बताते हैं कि मॉर्निंग वॉक कर वापस आ रहे थे। इस बीच बीसलपुर-बिलसंडा रोड पर ब्लॉक के नजदीक पहुंचते ही एक निजी एंबुलेंस ने उन्हें टक्कर मार दी। एंबुलेंस में एक शव रखा हुआ था और वह खुटार की तरफ जा रही थी।
हादसे के बाद सेवानिवृत्त शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद एंबुलेंस चालक ने उन्हें अपनी ही एंबुलेंस में डाल लिया और दौड़ता चला गया। हादसे का पता लगने पर परिवार वाले भी पहुंच गए। इसके बाद परिवार वाले परिचितों की मदद से एंबुलेंस की घेराबंदी कराने में जुट गए।
उधर, पुलिस ने भी वायरलैस कर सूचना आसपास के समस्त थानों को दी। काफी मशक्कत के बाद एंबुलेंस को करीब 18 से 20 किलोमीटर दूर पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर के बंडा थाना क्षेत्र में पकड़ा जा सका।
जिसके बाद चेक किया तो सेवानिवृत्त शिक्षक दर्शन सिंह मृत मिले। बंडा पुलिस ने परिवार के सदस्यों से हादसे के बारे में जानकारी की।इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इंस्पेक्टर बिलसंडा अजय कुमार ने बताया कि मामले में परिवार से मिली तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
समय पर मिलता इलाज तो बचाई जा सकती थी जान
इस हादसे में एंबुलेंस चालक की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। बताते हैं कि एंबुलेंस की टक्कर लगने के बाद दर्शन सिंह की मौत नहीं हुई थी। वह घायल हुए थे। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस में डालकर आरोपी चालक व अन्य लोग ले गए।
अगर सही समय पर अस्पताल भर्ती कराकर इलाज कराया जाता तो शायद उनकी जान बचाई भी जा सकती थी। एंबुलेंस में डालकर भागने के पीछे अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आरोपी चालक ने बचने के लिए उन्हें एंबुलेंस में डाल लिया था। इसके बाद आगे कहीं और शव फेंक चला जाता। फिलहाल अब पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
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