लखीमपुर खीरी : कुकरा क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी से ग्रामीण भयभीत
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। जिले के थाना मैलानी की न्याय पंचायत कुकरा के प्रमुख मार्गों पर कई माह से बाघों की चहलकदमी से क्षेत्र में दहशत फैली है। विद्यार्थी कालेजों को नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे प्रबंधन चिंतित है। वन विभाग के अधिकारी बाघ को जंगल में खदेड़ने का भी प्रयास नहीं कर रहे हैं।
कुकरा के भाजपा के वरिष्ठ नेता मुन्ना खान, गुरुनानक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सरदार कुलबंत सिंह चीमा, हसनैन इंटर कॉलेज के प्रबंधक रिजवान खान, मोहल्ला रजानगर निवासी लईक खान, हसनैन खान, रिजवान अंसारी, कलीम, सईद खान, बहिदुल्ला खान आदि का कहना है कि क्षेत्र के बाशिंदों ने एक अरशा पूर्व वन विभाग के गोला और मैलानी रेजर, डीएफओ को कुकरा क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी की जानकारी दी थी।
अधिकारियों को यह भी बताया गया कि बाघ की दहशत में छात्र, छात्राओं को स्कूल जाने में भय लगता है। खेत को जाने वाले मजदूरों, खेत की रखवाली करने वाले किसान बाघ से दहशतजदा हैं।
अभिभावकों ने अपने बच्चां को स्कूल भेजा बंद कर दिया है, जिससे प्रबंधतंत्र के अधिकारी भी चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी कांबिंग के नाम पर खानापूरी करके चले जाते हैं, जो बाघ को जंगल में खदेड़ने का कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
जंगलों में मानव आवाजाही बढ़ने की वजह से जंगली जीव जंगल से बाहर आकर गन्ने और नदी, नालों में अपना बसेरा बनाए हुये है। वनकर्मी निरंतर निगरानी में लगे हैं। ग्रामीणों को भी चाहिये कि अकेले खेतों की ओर न जाएं। उन्होंने गोला रेंज में आबादी के निकट बाघ होने की सूचना अधिकारियों को भेज दी है।
- संजीव कुमार तिवारी, वन क्षेत्राधिकारी गोला।
