हल्द्वानी: पुलिस की रडार पर सेवानिवृत्त एसडीएम की नौकरानी

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Published By Shweta Kalakoti
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बीती 30 अगस्त की रात एसडीएम और पत्नी की मौजूदगी में हुई थी चोरी

जिस कमरे में सोए थे, उसी कमरे से चोरी किए थे आभूषण और नगदी

हल्द्वानी, अमृत विचार। जजफार्म में सेवानिवृत्त एसडीएम एसपीएस रावत के घर बीती 30 अगस्त को हुई चोरी का सुराग अभी तक नहीं लगा है। मामले के खुलासे में लगीं तीन-तीन टीमों की रडार पर एसडीएम की दो नौकरानी हैं, लेकिन पूछताछ में अभी तक पुलिस को कुछ हासिल नहीं हुआ है। इसके अलावा इलाके में सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद भी पुलिस के हाथ ऐसा सुराग नहीं लगा, जिससे चोरों तक पहुंचा जा सके। 

88 वर्षीय सेवानिवृत्त एसपीएस रावत यहां पत्नी सुशीला के साथ रहते हैं। घर में एक नौकरानी नर्मदा है और यहां काम करने के लिए नौकरानी की बहन भी आती है। जबकि बेटा और बहू ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं। घर में किसी का आना-जाना नहीं है और जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे यही लगता है कि चोरी के पीछे एसडीएम को करीब के जानने वाले का हाथ हैं।

कोई ऐसा जिसे पता हो कि उनका सोना-चांदी और रुपया कहां रखा है। कारण कि घटना की रात जिस कमरे में एसडीएम पत्नी के साथ सोए थे, उसी कमरे के एक बक्से में करीब 7 तोला सोने के जेवर और 40 हजार कैश रखा था। चोरों ने इस बक्से के अलावा घर के किसी सामान को न तो हाथ लगाया और न ही न ही घर के अन्य कमरों को खंगाला। 

इस मामले में मुखानी पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट तो दर्ज नहीं है, लेकिन चोरों की तलाश में तीन टीमें लगी हुई हैं। दो टीमें थाने की अनावरण के लिए काम कर रही हैं, जबकि एसओजी भी अपने स्तर से पड़ताल में जुटी है। नौकरानी नर्मदा पर शक इसलिए भी है कि घटना की रात चोरों ने घर में पले कुत्ते को बुरी तरह पीटा था और कुत्ता लगातार भौंक रहा था, लेकिन आवाज सुनने के बावजूद नर्मदा अपने कमरे से बाहर नहीं आई। शक नर्मदा की बहन सावित्री पर भी है, क्योंकि बाहरी लोगों में सिर्फ सावित्री ही एक ऐसा नाम है, जिसका घर में आना जाना है। इसके अलावा नर्मदा का पति, जो बरेली रोड स्थित एक दुकान में काम करता है। 
 

चर्चा भी हो सकती है चोरी की वजह

चोरी में करीबी शामिल है इतना तो साफ है, लेकिन सीधे तौर पर करीबी शामिल है यह कहना मुश्किल है। दरअसल, कई मामलों में ऐसा भी देखा गया कि चर्चा चोरी की वजह बन जाती है। मसलन, एसडीएम को करीब जानने वाले चुनिंदा लोग हैं। संभावना है कि इन्हीं में से किसी एसडीएम के रहन-सहन का जिक्र अपने किसी करीबी से किया हो या फिर करीबी ने बाताों-बातों में एसडीएम के रहन-सहन की बातें उगलवा ली हों और फिर वारदात को अंजाम दिया।


चोरी के मामले में तहरीर न मिल पाने की वजह से अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। बावजूद इसके पुलिस जांच में जुटी है। मुखानी थाने से टीम काम कर रही है। इसके अलावा एसओजी भी खुलासे के प्रयास कर रही है। जल्द ही मामले का अनावरण कर दिया जाएगा। 
-रमेश बोरा, थानाध्यक्ष मुखानी

 

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