नैनीताल: अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट ने कहा - याची प्रत्यावेदन दें, विभाग दें निर्णय

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार। हाईकोर्ट ने अपने पूर्व के आदेश पर जिला प्रशासन और वन विभाग द्वारा अतिक्रमणकारियों को दिए गए नोटिस को चुनौती देती कई याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई की। 

 मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खण्डपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे इस संबंध में अपना प्रत्यावेदन संबंधित विभाग को दें और विभाग उन पर सुनवाई करके निर्णय पारित करें।

पूर्व में कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और डी.एफ.ओ. को आदेश दिए थे कि राष्ट्रीय राजमार्ग, राजकीय राजमार्गों, राजस्व व वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने से पहले की और अतिक्रमण हटाने के बाद की फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट शपथपत्र के माध्यम से चार सप्ताह के भीतर कोर्ट में पेश करें। 

इस आदेश पर प्रशासन ने पूरे प्रदेश में अवैध अतिक्रमण हटाने के नोटिस सभी अतिक्रमणकारियों को दिए। अतिक्रमणकारियों ने अपनी याचिकाओं में कहा कि वे कई वर्षों से काबिज हैं।

अधिकांश के पास वैध कागजात भी हैं परन्तु प्रशासन द्वारा इस आदेश की आड़ में उनके मकान व दुकान हटाने के नोटिस दिए जा रहे हैं। प्रशासन उनका पक्ष सुनने को तैयार नहीं है इसलिए इस पर रोक लगाई जाए। इस मामले में मंगलवार को उत्तरकाशी, देहरादून व अन्य जिलों के अतिक्रमणकारियों ने याचिकाएं दायर की। जनहित याचिकाओं पर अब 15 सितम्बर को सुनवाई होगी।

संबंधित समाचार