इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अधिकार क्षेत्र पर टिप्पणी करने से किया इनकार
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानून और निर्णय के खिलाफ अधिवक्ताओं की हड़ताल का आवाहन करने वाले प्रस्ताव जारी करने के लिए उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अधिकार क्षेत्र पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि हापुड़ जिले में अधिवक्ताओं पर पुलिस लाठी चार्ज को लेकर सकारात्मक न्यायिक हस्तक्षेप के बावजूद अधिवक्ताओं द्वारा हड़ताल जारी रखना निराशाजनक है।
उक्त टिप्पणी न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने राकेश कुमार केसरी की याचिका पर सुनवाई के दौरान की। मालूम हो कि गत 4 सितंबर को हाईकोर्ट ने घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस को इस मुद्दे पर अधिवक्ताओं की प्राथमिकी दर्ज करने तथा जांच करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही पिछले शनिवार को अधिवक्ताओं की शिकायतों को दूर करने के लिए एक न्यायिक समिति गठित करने के लिए विशेष बैठक भी आयोजित की गई थी।
हालांकि अगले ही दिन बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने आगामी दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा कर दी। कोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के लिए वीसी लिंक उपलब्ध कराने के बावजूद वकील की गैर मौजूदगी पर चिंता व्यक्त की। इसके साथ कोर्ट ने वादियों के नुकसान के लिए कोई भी आदेश पारित करना उचित नहीं समझा।
कोर्ट ने वर्तमान मामले को आगामी 26 सितंबर के लिए स्थगित करते हुए कहा कि अदालत बहुत भारी मन से इस मामले को न्याय के हित में इस आशा और विश्वास के साथ स्थगित करती है कि अधिवक्ता न केवल बड़े पैमाने पर समाज की दुर्दशा, संकट और शिकायत को समझेंगे बल्कि अपने स्वयं के कल्याण को भी समझेंगे और अदालत के निर्णय का सम्मान करते हुए मामले पर बहस करने के लिए जल्द ही प्रस्तुत होंगे।
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