गरमपानी: हाइवे ही नहीं ग्रामीण सड़कें तक बदहाल, सुध कब ली जाएगी सरकार

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Edited By Amrit Vichar
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गरमपानी, अमृत विचार। गांवों को जोड़ने वाली सड़कें बदहाली का दंश झेल रही है बावजूद सुध नहीं ली जा रही। गांवों के बाशिंदे जान जोखिम में डाल आवाजाही को मजबूर हो चुके हैं। रात के वक्त जोखिम दोगुना बढ़ जा रहा है। गांव के बाशिंदों ने सड़कों की हालत में सुधार किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।

रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे से तमाम गांवों को जोड़ने वाले भुजान - रिची मोटर मार्ग पर चापड़ के समीप भूधंसाव होने से सड़क का एक हिस्सा खाई में समा चुका है। सुरक्षित यातायात को लगाए गए क्रश बैरियर हवा में झूल रहे है। आवाजाही खतरनाक होने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। सुध न लिए जाने से गांवों के लोग जान हथेली में रख आवाजाही को मजबूर हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे भी मुसीबत बन चुके हैं।

शहीद बलवंत सिंह भुजान - वर्धो, बेतालघाट - भुजान, रातीघाट - बेतालघाट मोटर मार्ग समेत महत्वपूर्ण अल्मोड़ा हल्द्वानी हाइवे पर भी अनगिनत गड्डे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। लगातार सड़कों को गड्डे मुक्त करने की आवाज उठाए जाने के बावजूद जिम्मेदार कुंभकरणीय नींद में है। महज मिट्टी से गड्ढों को पाट इतिश्री कर दी जा रही है।

आंनद सिंह जीना, अमित मेहरा, अर्जुन जीना, झूंगर सिंह, गोविंद सिंह, दीवान, सिंह, पूरन सिंह, सुनील मेहरा, कुलदीप सिंह खनायत, गजेंद्र नेगी, आंनद सिंह नेगी आदि ने ग्रामीण सड़कों के साथ ही महत्वपूर्ण हाइवे को भी दुरुस्त किए जाने की मांग उठाई है। दो टूक चेतावनी दी है की यदि अनदेखी की गई तो फिर आंदोलन की रुपरेखा तैयार की जाएगी।

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