नैनीताल: 10 दिन में रिपोर्ट दें, बलिया नाले को बचाने के लिए क्या कदम उठाए

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Edited By Amrit Vichar
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विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार। हाईकोर्ट ने नैनीताल के आधार कहे जाने वाले बलिया नाले में हो रहे भूस्खलन को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने नैनीताल डीएम से भूस्खलन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति के साथ ट्रीटमेंट के लिए प्रशासन की ओर से अब तक किए कार्यों का ब्योरा मांगा है।

डीएम से 10 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट  पेश करने को कहा है। पूर्व के आदेश पर जिला प्रशासन ने रिपोर्ट अभी तक पेश नहीं की है। इसको लेकर सरकार की तरफ से रिपोर्ट पेश करने के लिए समय की मांग की गई। इस पर कोर्ट ने 10 दिन का और समय दिया।  सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा कि सरकार इस मामले में लापरवाही कर रही है।

अभी तक जिला प्रशासन ने रिपोर्ट पेश नहीं की।  भू स्खलन क्षेत्र का अभी तक कई बार मंत्रियों, अधिकारियों ने निरीक्षण किया परन्तु भूधंसाव को रोकने का कोई उपाय नहीं किया। मामले के अनुसार  नैनीताल निवासी अधिवक्ता सैय्यद नदीम मून ने 2018 में उच्च न्यायालय में जनहित दायर कर कहा था कि नैनीताल के आधार कहे जाने वाले बलिया नाले में हो रहे भूस्खलन से नैनीताल व इसके आसपास रह रहे लोगों को बड़ा खतरा हो सकता है। नैनीताल के अस्तित्व और लोगों को बचाने के लिए इसमे हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए कोई ठोस उपाय किया जाय। ताकि क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन को रोका जा सके।

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