मौनी अमावस्या 2024 : संगम में 800 हेक्टेयर पर बसेगी 52 दिन के लिए तंबुओं की नगरी - बन रहा दुर्लभ संयोग

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज, अमृत विचार। संगमनगरी में मां गंगा की गोद में लगने वाले तम्बुओं की नगरी यानि माघ मेला इस बार सिर्फ 52 दिन के लिए ही होगा। वर्ष 2024 में माघ मेला पुरुषोत्तम माह के कारण 52 तक दिनों चलेगा। पौष पूर्णिमा 25 जनवरी से माघ मास प्रारंभ होगा तो 25 फरवरी को माघी पूर्णिमा होगी। नौ फरवरी को मौनी अमावस्या 14 फरवरी को वसंत पंचमी और आठ मार्च को महाशिवरात्रि होगी। वैसे कल्पवासी तो एक माह तक ही रहेंगे मगर माघ मेला 15 जनवरी से प्रारंभ होकर आठ मार्च तक चलेगा।

इस बार महाकुंभ  पर विशेष संयोग देखने को मिलेगा। महाकुम्भ की तैयारिया तेजी से शुरु है। लगातार शासन के निर्देश पर अधिकारी कार्यो की समीक्षा कर कार्य में तेजी ला रहे है।  महाकुम्भ में कई नई सुविधाएं दी जाएंगी। मेला प्राधिकरण की संत - महात्माओं के साथ बैठक की गई हैं। माघ मेला के स्नान तिथियों की घोषणा कर दी गयी है। इन तिथियों के अनुसार माघ मेले की तैयारी की जा रही है। इस बार मेला 800 हेक्टेयर में तम्बुओं की नगरी को बसाया जाएगा। पिछले म्हाकुम्भ में 700 हेक्टेयर में बसाया गया था। जिसके लिए आठ पांटून पुल बनाए जाएंगे। चकर्ड प्लेटों की सड़कें भी बेहतरीन बनाने के साथ बढ़ाई जाएंगी। स्नान घाटों को भी बेहतर तरीके से क्षेत्रफल बढ़ाते हुए तैयार किया जाएगा। 

पंडित दिवाकर मिश्रा ने मौनी अमावस्या पर दुर्लभ संयोग के बारे मे बताया कि इस बार मौनी अमावस्या पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस तिथि पर त्रिवेणी में स्नान करने से धन व वैभव का लाभ होता है। मौनी अमावस्या पर चार ग्रहों सूर्य, चंद्र, मंगल व बुध एक साथ मकर राशि में होंगे। वहीं मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि माघ मेला की तैयारियां जल्द ही तेजी आएगी। विभिन्न विभागों के अधिकारियों के निर्देश जारी किए जाएंगे। 

माघ मेला के स्नान पर्व
15 जनवरी- मकर संक्रांति
25 जनवरी - पौष पूर्णिमा
9 फरवरी - मौनी अमावस्या
14 फरवरी - वसंत पंचमी
24 फरवरी - माघी पूर्णिमा
8 मार्च - महाशिवरात्रि

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