संरक्षण : इलाहाबादी अमरुद सेबिया के कारोबार को देखने पहुंचा वैज्ञानिकों का विशेष दल

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज, अमृत विचार। पूरे देश में अपने स्वाद और नाम की पहचान बनाने वाले इलाहाबादी अमरूद सेबिया को संरक्षित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सेब जैसे दिखने वाले सेबिया को इलाहाबाद की मिट्टी, जलवायु उसके खूशबू, रंग और स्वाद से मशहूर करती है। इसलिये इसे सेबिया अमरूद के नाम से लोग जानते हैं। विदेशों में 500 करोड़ का कारोबार करने वाले इस अमरूद को संरक्षित करने की तैयारी है। वैज्ञानिकों का एक दल गुरुवार को लखनऊ से प्रयागराज खुसरो बाग पहुंचा। विशेष जांच दल किसानों को विशेष प्रशिक्षण दे रहा है।

संगमनगरी प्रयागराज किसी भी मामले मे कम नही है। त्रिवेणी यानी गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन अलौकिक है।  ठीक इसी तरह इलाहाबदी अमरुद के लिए प्रयागराज़ प्रसिद्ध है।  यहां का सुर्खा अमरूद काफी सुर्खियों मे रहता है। अपने स्वाद और रंग के कारण देश भर में फलों के बीच अपनी छाप छोड़  रखी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज और कौशांबी के अमरूद फल पट्टी में बागवानी करने वाले किसानों को मेहनत को और बढ़ावा देने का काम किया है। इनके फल के निर्यात को बढ़ाने के लिए एक नई पहल शुरु की है। राज्य सरकार ने हार्टिकल्चर के वैज्ञानिकों की दल टीम को प्रयागराज भेजा है। टीम ने स्थानीय किसानों से अमरूद के उत्पादन और निर्यात से जुड़ी समस्याओं को जाना और उसका समाधान भी बताया। अमरूद की बैगिंग का प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है।

खराब हो रही फ़सल को मिलेगी नई जान
 सुर्खा अमरुद का उत्पादन करने वाले किसानों को योगी सरकार नया जीवन देने का काम कर रही है। मौसम की मार के साथ तमाम कीत्र रोग के प्रकोप के चलते अमरुद की बागवानी आधी खराब हो गई थी । इसके बाद इस अमरूद की बागवानी करने वाले किसानों ने योगी सरकार से इसके लिए मदद मांगी थी। अमरूद उत्पादक संघ के अध्यक्ष मुन्नू पटेल ने बताया कि अमरूद किसानों की तरफ से अपनी समस्याओं को लेकर सरकार को पत्र लिखा था। जिसके बाद सरकार ने कृषि वैज्ञानिकों का एक दल यहां भेजा है।

कृषि वैज्ञानिकों ने अमरूद फल पट्टी के किसानों के बागानों का निरीक्षण कर समस्याओ को सुना। अमरूद की समस्याओं के निराकरण के लिए उच्च स्तरीय तकनीकी समिति में केंद्रीय उपोषण बागवानी संस्थान रहमान खेड़ा लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पीके शुक्ला और डॉ. केके श्रीवास्तव ने अमरूद के बागान का निरीक्षण किया । वैज्ञानिक डॉ.पी के शुक्ला का कहना है कि किसानों के बागान में अमरूद में फ्रूट फ्लाई और फ्रूट बोरर फल भक्षी कीट का प्रकोप दिया है। तकनीकी जानकरी किसानों को दे दी गई है।

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